
Punjab CM Bhagwant Mann clarification over Kejriwal-state officials meet (PC: ABP)
सत्ता में आने के बाद से ही पंजाब की आप सरकार अपने कई बड़े निर्णयों के कारण चर्चा में रहती है। कभी किसानों के लिए तो कभी भ्रष्टाचार विरोधी कदम के लिए। अब ये सरकार अपने एक नए निर्णय के कारण चर्चा में है। भगवंत मान सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए पंजाबी भाषा को अनिवार्य करने का एक और बड़ा फैसला लिया है। भगवंत मान ने ये फैसला पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने के लिए लिया है। आज पंजाब के मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर बैठक की और इसके बाद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
भगवंत मान ने ट्वीट कर जानकारी दी, "पंजाब पंजाबियत पहले! सरकारी नौकरियों के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट में मातृभाषा पंजाबी को अनिवार्य कर दिया गया है। परीक्षा में कम से कम 50% अंक अनिवार्य होंगे। मातृभाषा पंजाबी पूरी दुनिया में हमारी पहचान है। हमारी सरकार का उद्देश्य हर तरह से पंजाबी को बढ़ावा देना है।”
सीएम भगवंत मान के साथ बैठक में मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, सचिव ए. वेणु प्रसाद के अलावा प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा और भाषा जसप्रीत तलवार भी शामिल थे।
बैठक में कहा गया है कि राज्य सरकार ने ये फैसला लिया है कि अब ग्रुप सी और डी पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को पंजाबी भाषा की योग्यता का टेस्ट पास करना होगा। ग्रुप सी और डी श्रेणी में कुल 26,454 के लिए भर्ती की जाती है। बता दें कि इससे पहले पंजाब लोक सेवा आयोग ने प्लानिंग ऑफिसर के पदों (PPSC Recruitment 2022) पर भर्ती एक लिए भी मैट्रिक स्तर तक पंजाबी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य है।
धान की बुवाई को लेकर भी बड़ा फैसला
इसके अलावा आज मान सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। धान की सीधी बुवाई के लिए सब्सिडी की घोषणा की है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी, "हमें खुशी है कि पंजाब के पानी को बचाने के हमारे अभियान को किसानों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। धान की सीधी बुवाई के लिए ₹ 1500/एकड़ सब्सिडी की घोषणा की गई। आज एक पोर्टल लॉन्च किया जहां किसान। आप अपना नाम और जानकारी भरकर सरकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं।"
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Updated on:
25 May 2022 02:16 pm
Published on:
25 May 2022 02:14 pm
