इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार राहुल गांधी के छात्रों से मिलने और बातचीत करने से इतनी डरी हुई क्यों है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह सरकार 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से क्यों डर रही है? अगर आप इस कार्यक्रम को रोकेंगे, तो आपको छात्रों का हुंकार सुनाई देगा। इसलिए राहुल गांधी को युवाओं से जुड़ने से मत रोकिए। कांग्रेस सांसद ने कि हम यह कार्यक्रम आयोजित करेंगे, आप इसे रोकने की कोशिश करके देख लीजिए।
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि समझ नहीं आता कि आखिर प्रशासन और सरकार को छात्रों के बीच जाने और उनसे संवाद करने से क्या डर लग रहा है।