
TMC नेता सौगत रॉय (Photo- ANI )
Parliament skit row: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने रविवार को कहा कि विपक्षी नेताओं का विरोध प्रदर्शन पूरी तरह जायज था। भाजपा की यह पुरानी कार्यशैली है कि जो भी उसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं।
दरअसल, वाराणसी पुलिस ने संसद परिसर में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और आपत्तिजनक तरीके से विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया गया।
यह विवाद 31 जुलाई को संसद परिसर में हुए एक प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ। प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर मंदिर के पुजारी के वेश में पहुंचे थे। उनके साथ अन्य विपक्षी सांसदों ने भी एक सांकेतिक नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें दानपात्र का इस्तेमाल करते हुए भ्रष्टाचार और चंदे के दुरुपयोग के आरोपों को उठाया गया। विपक्ष का कहना था कि यह सरकार और उससे जुड़े मुद्दों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध था।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्षी सांसदों पर एफआईआर दर्ज कराने में व्यस्त है, लेकिन जिन मुद्दों से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हैं, उन पर चुप्पी साधे हुए है। खेड़ा ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोपों पर सरकार जवाब देने के बजाय विपक्ष को निशाना बना रही है।
वहीं भाजपा ने इस पूरे प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का आरोप है कि विपक्षी नेताओं ने अपने विरोध प्रदर्शन के जरिए सनातन धर्म, धार्मिक परंपराओं और संतों का अपमान किया है। भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन में शामिल सभी नेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। राहुल गांधी, पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर शिकायतें और एफआईआर दर्ज की गई हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने का प्रयास बता रहा है। वहीं भाजपा का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों के अपमान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
Updated on:
02 Aug 2026 02:27 pm
Published on:
02 Aug 2026 02:14 pm
