
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्राओं से संवाद करते राहुल गांधी। (फोटो:INC)
NEET-UG Paper leak issue and Rahul Gandhi: नीट यूजी पेपर लीक होने के बाद देश भर में गुस्सा और असंतोष है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए नौजवानों से 'छात्रों की गूंज' अभियान से जुड़ने की अपील की है। इस बीच कांग्रेस ने पेपर लीक से मरने वाले छात्रों की सूची जारी की है। साथ ही इसे हत्या बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया है। ध्यान रहे कि नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने कथित पेपर लीक विवाद के कारण 3 मई को होने वाली परीक्षा रद्द होने के बाद पुनर्परीक्षा का निर्धारण किया है।
कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा है कि नीट पेपर लीक मामला 12 बच्चों की जान ले चुका है। कांग्रेस की ओर से जारी सूची के अनुसार नीट पेपर लीक से प्रदीप मेघवाल- राजस्थान, अंशिका पांडे- दिल्ली, ऋतिक मिश्रा- उत्तर प्रदेश,सिद्धार्थ हेगड़े- गोवा,भाग्यश्री- कर्नाटक, आकांक्षा चतुर्वेदी- मध्य प्रदेश,उमेश माली- राजस्थान,रेणु मीणा- राजस्थान, रिया कुमारी थापा- उत्तराखंड,शिवानी यादव- उत्तर प्रदेश,अनुकीर्तना- तमिलनाडु व कहान पटेल- गुजरात की मौत हुई। कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा-ये 'हत्या' है- जिसके जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान और नरेंद्र मोदी हैं।
राहुल गांधी ने गुरुवार को छात्रों और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों से नये शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान से ने जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य शिक्षा, परीक्षा और रोजगार से संबंधित उनकी चिंताएं सीधे सरकार तक पहुंचाना है। गांधी ने X पर एक पोस्ट में हिंदी में लिखा, 'अगर आपने पेपर लीक, परीक्षा में नकल या अत्यधिक फीस का दर्द सहा है। अगर इस व्यवस्था ने आपके सपनों को चकनाचूर कर दिया है। अगर आपके परिवार ने अपनी जीवन भर की कमाई आपकी शिक्षा में लगा दी है। तो सुनिए: 'स्टूडेंट्स इको' आपकी आवाज है।
उन्होंने कहा कि यह "एक अभियान से कहीं अधिक" था, और यह एक ऐसा मंच था जिसके माध्यम से सस्ती शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षाओं और सम्मानजनक रोजगार से संबंधित मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जा सकता था। उन्होंने लोगों से इस पहल से जुड़े सुझाव प्रस्तुत करके और एक याचिका पर हस्ताक्षर करके इसमें भाग लेने की अपील की। साथ ही कहा, 'आपका एक हस्ताक्षर इस संघर्ष को मजबूती देगा। जितने ज्यादा नाम होंगे, उतनी ही बुलंद आवाज होगी।'
इस पहल के तहत, राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में 'छात्रों की गूंज महा रैली' नामक रैली के साथ अभियान की शुरुआत की। यह जनसंपर्क कार्यक्रम बाद में देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित होगा, जिसमें एनएसयूआई और युवा कांग्रेस सहित कांग्रेस संगठनों की भागीदारी होगी। कांग्रेस ने यह भी कहा कि राहुल गांधी जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में सम्मेलनों को संबोधित करेंगे।
राहुल गांधी ने बुधवार को पक्षपातपूर्ण बयानबाजी से बचते हुए और पारंपरिक राजनीतिक संवाद से हटकर, अपने जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान इस संवाद को देश के युवाओं के सामने मौजूद मानसिक स्वास्थ्य संकट और व्यवस्थागत सीमाओं को दूर करने के लिए एक आवश्यक हस्तक्षेप के रूप में प्रस्तुत किया। उनके भाषण का एक प्रमुख विषय भारतीय करियर पथ में व्यावसायिक और रचनात्मक विविधता का अभाव था। गांधी ने उल्लेख किया कि लाखों युवाओं के साथ अपनी बातचीत के दौरान, उन्हें लगातार पाँच ही तरह की करियर आकांक्षाएं सुनने को मिलीं: इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, आईएएस और सेना। ( इनपुट: ANI )
Updated on:
18 Jun 2026 02:38 pm
Published on:
18 Jun 2026 02:36 pm
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