6 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘विमान ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं’, वायरल दावों पर बोले केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू

ATF Ethanol Rumours: जेट फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने की अफवाहों को नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा है?
2 min read
Google source verification

भारत

image

Rahul Yadav

Aug 06, 2026

Ram Mohan Naidu Kinjarapu, Civil Aviation Minister, ATF Ethanol Blending, Sustainable Aviation Fuel, SAF, ICAO,

जेट फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की अफवाहों को नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। (File Photo - IANS)

Ram Mohan Naidu Kinjarapu ATF Ethanol Statement: नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने विमान ईंधन में एथेनॉल मिलाने से जुड़ी खबरों को पूरी तरह गलत और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि विमानन सुरक्षा से जुड़े मामलों में अफवाहों पर भरोसा न करें क्योंकि इससे हवाई यात्रियों के बीच बेवजह चिंता और भ्रम पैदा होता है।

राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि कुछ जगह यह दावा किया जा रहा है कि सरकार विमान ईंधन (Aviation Turbine Fuel-ATF) में एथेनॉल मिलाने की प्लानिंग कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दावा पूरी तरह झूठा है और सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

एथेनॉल और SAF पूरी तरह अलग हैं?

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) को एक जैसा समझना गलत है। उन्होंने बताया कि SAF एक अलग तरह का विमानन ईंधन है जिसे अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) से मान्यता मिली हुई है और दुनिया के कई देशों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि SAF को अपनाने से पहले कई स्तरों पर कड़े सुरक्षा परीक्षण किए जाते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है और वैश्विक स्तर पर प्रमाणित विमानन ईंधन है। इसलिए इसे एथेनॉल के साथ जोड़कर देखना या दोनों को एक जैसा बताना सही नहीं है।

अफवाहों से यात्रियों में बढ़ती है चिंता

राम मोहन नायडू ने कहा कि विमानन सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी फैलाने से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। खासकर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के मन में सुरक्षा को लेकर बेवजह चिंता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। इसी वजह से विमानन क्षेत्र में लागू होने वाले हर ईंधन, तकनीक और सुरक्षा मानक को सख्त परीक्षण और अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर ही मंजूरी दी जाती है।

केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि सरकार विमानन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का समझौता नहीं करती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।