
Maha Kumbh
Mahakumbh: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान गंगा-यमुना नदी में प्रदूषण बढ़ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को एनजीटी को सूचित किया कि पानी में फेकल कोलीफॉर्म का स्तर बहुत अधिक है। इसी बीच इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के वरिष्ठ सलाहकार ने कहा कि हम निश्चित रूप से कुंभ से वापस आने वाले लोगों को चिकित्सा समस्याओं के साथ देख रहे हैं। लेकिन जाहिर है कि ऐसी जगह पर जहां बहुत से लोग पानी में डुबकी लगाते हैं। हमें उम्मीद थी कि ऐसा होगा। चिकित्सा समस्याओं के साथ आने वाले लोगों की संख्या वहां जाने वाले लोगों की संख्या की तुलना में बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि वहां पर मुझे लगता है नियंत्रण बहुत अच्छा है, लेकिन लोग निश्चित रूप से गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी किसी बीमारी के साथ आ रहे हैं। जिसमें उन्हें दस्त, उल्टी और ऐसी ही अन्य समस्याएं हो रही हैं। उन्हें अनिर्दिष्ट या अनिर्दिष्ट मूल का बुखार है। सबसे अधिक संभावना है कि वे वायरल बुखार हैं।
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के वरिष्ठ सलाहकार ने कहा कि बहुत लोग श्वसन पथ के संक्रमण से भी पीड़ित हैं, जैसे बहती नाक, छींकना, खांसी और सर्दी, जो जाहिर तौर पर बहुत आम है। जब आप ऐसी भीड़भाड़ वाली जगह पर जाते हैं, और फिर आप डुबकी लगाते हैं, जो शायद सुबह 3 बजे हो, तो आप इस ठंड के संपर्क में आ सकते हैं।
उन्होंने इससे बचने के उपाय भी बताए है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपना पानी खुद लेकर आना चाहिए, शायद घर से पानी या शायद पानी की बोतलें और उन्हें किसी अच्छी जगह से पानी पीना चाहिए या अपनी खुद की बोतलें ले जानी चाहिए। दूसरी बात यह है कि स्वस्थ जगह से खाना खाएं और कच्चे खाने की बजाय पका हुआ खाना खाएं। मास्क पहनें और लोगों से दूरी बनाए रखने की कोशिश करें। नदी में डुबकी लगाते समय पानी न पिएं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। इसी बीच CPCB की रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि गंगा और यमुना नदी का पानी स्नान करने लायक नहीं है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने सोमवार को एनजीटी में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है।
Updated on:
18 Feb 2025 05:19 pm
Published on:
18 Feb 2025 05:19 pm
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