
प्रदर्शन के दौरान पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ सचिन पायलट (फोटो-IANS)
Sachin Pilot Entry In Punjab: पंजाब की राजनीति में सचिन पायलट की एंट्री होते ही इसका असर दिखने लगा है। मंगलवार को चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी के बीच पहली बार एकजुटता की तस्वीर नजर आई। करीब तीन महीने बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक ही मंच पर साथ दिखे। पायलट ने प्रदर्शन की अगुवाई की, जबकि प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत पार्टी के कई बड़े नेता भी साथ नजर आए।
चंडीगढ़ में मंगलवार को आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के कई बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। नए केंद्रीय प्रभारी सचिन पायलट ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। सचिन पायलट का पंजाब प्रभारी बनने के बाद चंडीगढ़ का यह पहला दौरा था। उन्होंने भूपेश बघेल की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। बघेल को पंजाब कांग्रेस के भीतर निष्पक्षता को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा था। पायलट ने पद संभालने के बाद चन्नी और वड़िंग के बीच मतभेद कम करने की कोशिश शुरू की।
कांग्रेस ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के घर की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन गुलजार सिंह की आत्महत्या को लेकर था। संगरूर के दिर्बा इलाके के रहने वाले गुलजार सिंह ने ड्रग्स का मुद्दा उठाया था और इसके बाद उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा था। प्रदर्शन में प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मौजूद रहे।
मार्च के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शन रोक दिया। कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड पार करने लगे तो पुलिस ने पानी की बौछार की। इसके बाद टकराव हुआ। सचिन पायलट समेत कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया। करीब एक घंटे बाद दोपहर 3 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी घायल भी हुए। प्रदर्शन से पहले पायलट ने भगवंत मान सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में 'चिट्टा' यानी हेरोइन या सिंथेटिक ड्रग्स की घर तक डिलीवरी हो रही है। उन्होंने गुलजार सिंह की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि वह मंत्री का नाम लेते हुए मारे गए। पायलट ने कहा कि पंजाब की लड़ाई में वह सबसे आगे रहेंगे।
Updated on:
15 Sept 2026 08:45 pm
Published on:
15 Sept 2026 08:45 pm
