
Sonam Wangchuk News
Second Freedom Movement: देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक छात्र और नागरिक आंदोलन का गवाह बन रहा है। NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पिछले 29 दिनों से चल रहा यह प्रदर्शन अब एक बड़े जन-आंदोलन में तब्दील हो चुका है। शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा प्रख्यात शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन धरना स्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है।
अस्पताल के आईसीयू वार्ड में नजरबंद सोनम वांगचुक ने हार मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने अपनी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के जरिए देश की जनता को एक कड़ा संदेश भेजा है। वांगचुक ने आगामी 20 जुलाई (सोमवार) को होने वाले संसद मार्च को देश की "दूसरी आजादी का आंदोलन" करार दिया है। उन्होंने देश के युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे इस मार्च को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं। उनकी पत्नी ने साफ कर दिया है कि अगर पुलिस ने वांगचुक को अस्पताल से नहीं निकलने दिया, तो वह खुद इस संसद कूच की अगुवाई करेंगी।
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर इस समय अस्पताल और उनके परिवार के बीच भारी रस्साकशी चल रही है। सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों और एम्स (AIIMS) से बुलाए गए विशेषज्ञों की टीम का कहना है कि लगातार 21 दिनों के उपवास के कारण वांगचुक के शरीर में पानी की गंभीर कमी (Dehydration) हो गई है और उनके अंगों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
अस्पताल प्रशासन ने दावा किया है कि वांगचुक का पोटेशियम स्तर गिरकर 2.9 पर पहुंच गया है, जो बेहद जानलेवा है। हालांकि, वांगचुक के परिवार ने सरकारी बुलेटिन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में मांग की गई है कि उन्हें किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए। वांगचुक की पत्नी ने आरोप लगाया कि..
"सरकारी अस्पताल की नीयत पर हमें भरोसा नहीं है। जब हमने एक स्वतंत्र प्राइवेट लैब से टेस्ट कराया तो पोटेशियम का स्तर 3.5 आया, जो सुरक्षित है। अस्पताल प्रशासन जानबूझकर आंकड़ों को छुपा रहा है और भारी पुलिस बल की तैनाती करके हमें बंधक जैसा बना दिया गया है।"
सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस की तमाम चेतावनियों को दरकिनार करते हुए दिपके जंतर-मंतर पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।
दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
"अगर सोनम सर को एक खरोंच भी आई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे मोदी सरकार की होगी। अब तक हम सिर्फ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन युवाओं की आवाज को इस तरह कुचलने के बाद अब हम सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं।"
उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि 20 जुलाई को संसद की तरफ बढ़ने वाला हमारा मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। अगर कोई हिंसा या अराजकता फैलाता है, तो वह इस आंदोलन का हिस्सा नहीं होगा।
Updated on:
19 Jul 2026 10:55 am
Published on:
19 Jul 2026 10:15 am
