
नीतीश कुमार। (फोटो- ANI)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री ने बीते दिनों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। इस फेरबदल में जदयू अध्यक्ष व बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। अब ये भी चर्चा होने लगी है कि नीतीश कुमार को मोदी सरकार डिप्टी पीएम बना सकती है। हालांकि, नीतीश कुमार को लेकर ये अटकलबाजी नई नहीं है। इससे पहले जब उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उस समय भी यह बात जोर पकड़ रही थी कि उन्हें देश का उप प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अश्विनी चौबे ने अपने बयान से सियासी भूचाल ला दिया था। अश्विनी कुमार चौबे ने सार्वजनिक रूप से इच्छा जताई थी कि एनडीए गठबंधन में नीतीश कुमार के विशाल अनुभव व योगदान को देखते हुए उन्हें उप प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए।
वहीं, मार्च 2026 में जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन भरा, उस समय भी यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या नीतीश अब डिप्टी पीएम बनाए जाएंगे। 25 मार्च 2026 को राजद नेता व पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती ने भी कहा कि जब राज्यसभा सदस्य बनकर नीतीश दिल्ली आएंगे तो उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि वो चाहती हैं कि नीतीश कुमार को उपप्रधानमंत्री का पद दिया जाए।
कांग्रेस नेता भी नीतीश को डिप्टी पीएम बनाए जाने की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने नीतीश कुमार को लेकर 6 मार्च को मीडिया से बातचीत में कहा था कि अगर बीजेपी सच में बिहार की जनता का सम्मान करना चाहती है तो नीतीश कुमार को डिप्टी पीएम या फिर गृह मंत्री बना दे। मुख्यमंत्री से हटकर नीतीश कुमार को राज्यसभा सांसद बनाना, सीधे तौर पर बिहार का अपमान है, इसके अलावा कुछ नहीं है।
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद नीतीश कुमार को अगला उपराष्ट्रपति बनाए जाने की काफी चर्चा हुई थी। बिहार के कुछ भाजपा विधायकों ने पार्टी हाईकमान से नीतीश कुमार के नाम की वकालत भी की थी, लेकिन उस समय नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया था, जिसका नीतीश ने पुरजोर समर्थन किया था।
हालांकि, साल 2022 में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने इस बात का जिक्र जरूर किया था कि वह तीन सदनों (बिहार विधानसभा, बिहार विधान परिषद, लोकसभ) के सदस्य रह चुके हैं। राज्यसभा जाने की उनकी इच्छा जरूर है। उनकी ये इच्छा साल 2026 में पूरी हुई।
नीतीश कुमार साल 1985 में पहली बार बिहार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद साल 1989 में वह बाढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। बाद में उन्होंने नांलदा से भी लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। वे 1998-2004 के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने रेल मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले।
Published on:
27 Jun 2026 12:35 pm
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