14 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आखिर NDA में क्यों संयोजक की मांग कर रहे सुदीप बंद्योपाध्याय? बागी TMC नेता ने PM Modi को बताया कारण

Sudip Bandyopadhyay on NDA Convener: टीएमसी के बागी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने पीएम मोदी से NDA संयोजक नियुक्त करने की मांग की है। साथ ही 20 बागी सांसदों के NCPI में विलय पर स्पीकर ओम बिरला से जल्द फैसले का आग्रह किया है।
2 min read
Google source verification
sudip bandyopadhyay demands nda convener.

पीएम मोदी और सुदीप सुदीप बंद्योपाध्याय। (Photo- ANI)

NDA convener Sudip Bandyopadhyay: लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने बीते गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से NDA का संयोजक नियुक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने विभिन्न दलों के नेताओं के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा आयोजित चाय पार्टी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान यह सुझाव दिया।

सुदीप बंद्योपाध्याय ने बताया कारण

छह बार के लोकसभा सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने अपने इस सुझाव का कारण भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, 'मैंने यह अनुरोध इसलिए किया, क्योंकि विशेष रूप से सत्र समाप्त होने के बाद दलों के बीच कोई संपर्क और संवाद नहीं रह जाता है।' उन्होंने आगे कहा कि NDA संयोजक अन्य पार्टियों के लिए संपर्क सूत्र के रूप में काम करेगा और संवाद की राह खुली रखेगा।

इस दौरान उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस और एन चंद्रबाबू नायडू का भी उल्लेख किया, जिन्होंने पहले एनडीए संयोजक की भूमिका निभाई थी। हालांकि, पिछले कई वर्षों से किसी ने भी एनडीए के संयोजक पद को नहीं संभाला है।

20 सांसदों के विलय पर जल्द फैसला लेने का आग्रह

सुदीप बंद्योपाध्याय ने इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) के साथ उनके गुट के 20 सांसदों के विलय पर भी जल्द फैसला लेने का आग्रह किया।

बता दें कि सुदीप बंद्योपाध्याय अपने साथ टीएमसी के 20 सांसदों को लेकर अलग हुए हैं। वे 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) के साथ जुड़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक इस विलय पर अपना अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए इन 20 बागी सांसदों ने खुद को 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) के हिस्से के रूप में पेश किया है और लोकसभा में अलग बैठने की मांग की है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि फैसले में देरी की वजह से संसद टीवी पर बोलते समय इन बागी सदस्यों को अभी भी तृणमूल कांग्रेस के नेता के तौर पर ही दिखाया जा रहा है। इसके चलते व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे मुद्दे को जल्द सुलझाया जाना चाहिए। इस देरी के कारण अब सदन में शेष बची केवल आठ सांसदों वाली टीएमसी को हमारे समूह की वैधता पर सवाल उठाने का मौका मिल जाता है।