
सुप्रीम कोर्ट (Photo- ANI)
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी - सीजेपी (Cockroach Janata Party - CJP) की ओर से 5 सितंबर को दिल्ली में इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित विरोध मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह सभी पक्षों से कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण आचरण करने की अपेक्षा रखती है। ऐसी कोई ठोस वजह नहीं है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि कुछ अप्रिय होगा।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों की यह प्राथमिक ज़िम्मेदारी है कि वो व्यवस्था बनाए। याचिकाकर्ता दिल्ली पुलिस के पूर्व अधिकारी राजेंद्र सिंह की ओर से अधिवक्ता रिजवान अहमद ने कहा कि मार्च स्थल संवेदनशील क्षेत्र है और ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियों के बीच यह नहीं होना चाहिए। इसलिए मामले की जल्द सुनवाई की जाए और कम से कम 15 सितंबर तक प्रदर्शन रोका जाए।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने उनकी दलील खारिज करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और यह मामला अन्य संबंधित मुकदमों के साथ 10 सितंबर तक सुनने को कहा। सीजेपी ने केंद्र सरकार से पिछले आंदाेलन की समाप्ति के समय किए गए वादों को पूरा करने की मांग पर पांच सितंबर को विरोध मार्च का ऐलान किया है।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के पिछले आंदोलन के दौरान 20 से 25 जुलाई के बीच दर्ज 13 एफआईआर रद्द करने के आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से किए फैसले के बाद वह इन एफआईआर में कार्रवाई नहीं चाहती इसलिए इन्हें खत्म किया जाए। मांग की गई है कि इसके लिए अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्ति का उपयोग कर सुप्रीम कोर्ट आदेश दे। अर्जी में प्रदर्शनकारियों में पहचाने गए आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2873 लोगों पर नई एफआईआर दर्ज करने की अनुमति भी मांगी गई है।
Updated on:
01 Sept 2026 02:14 am
Published on:
01 Sept 2026 02:11 am
