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बंगाल में शुभेन्दु सरकार ने सौरव गांगुली को दिया झटका, सुरक्षा में कटौती, जेड से घटकर वाई श्रेणी की गई

Sourav Ganguly Security Downgraded: पश्चिम बंगाल सरकार ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की ‘Z’ श्रेणी सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है। नए खतरा आकलन के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया। हालांकि गांगुली को आवश्यक पुलिस सुरक्षा मिलती रहेगी।

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भारत

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Anurag Animesh

Jun 03, 2026

Downgraded: पश्चिम बंगाल सरकार ने पूर्व भारतीय

सौरव गांगुली(फोटो-ANI)

Sourav Ganguly: पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हुए उनकी ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय राज्य की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए गए नए खतरा आकलन और सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले कुछ समय से गांगुली को ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही थी। इस व्यवस्था के तहत उनके घर और यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे। अब सुरक्षा से जुड़े नए मूल्यांकन में यह माना गया है कि फिलहाल उन्हें इतनी उच्च स्तर की सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है।

2023 में बढ़ाई गई थी सुरक्षा


सौरव गांगुली की सुरक्षा को साल 2023 में ‘Y’ श्रेणी से बढ़ाकर ‘Z’ श्रेणी में किया गया था। उस समय उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। ‘Y’ श्रेणी के दौरान उनके साथ विशेष ब्रांच के कुछ पुलिसकर्मी रहते थे और उनके बेहाला स्थित आवास पर भी सुरक्षा बल मौजूद रहते थे। बाद में ‘Z’ सुरक्षा मिलने पर उनके लिए 8 से 10 पुलिसकर्मियों की एक समर्पित टीम बनाई गई थी। राज्य के भीतर कहीं भी आने-जाने के दौरान हथियारबंद सुरक्षाकर्मी उनके साथ रहते थे। इसके अलावा उनके घर पर भी विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।

अब भी मिलेगी जरूरी सुरक्षा


हालांकि सुरक्षा श्रेणी में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि गांगुली पूरी तरह बिना सुरक्षा के रहेंगे। उन्हें जरूरत के अनुसार पुलिस सुरक्षा मिलती रहेगी। लेकिन ‘Z’ कैटेगरी के तहत मिलने वाली व्यापक वीआईपी सुरक्षा, घर पर अतिरिक्त तैनाती और निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) जैसी सुविधाओं में कमी की जाएगी।

क्यों लिया गया फैसला


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य सरकार के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी एक व्यक्ति को ध्यान में रखकर नहीं उठाया गया है। दरअसल, पश्चिम बंगाल में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा चल रही है और उसी प्रक्रिया के तहत कई सुरक्षा मैनेजमेंट को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सुरक्षा का स्तर किसी व्यक्ति की वर्तमान संवैधानिक जिम्मेदारी, आधिकारिक पद और उपलब्ध खतरे की जानकारी के आधार पर तय होना चाहिए। चूंकि सौरव गांगुली फिलहाल किसी सरकारी या संवैधानिक पद पर नहीं हैं और ताजा सुरक्षा मूल्यांकन में भी कोई विशेष खतरा सामने नहीं आया है, इसलिए उनकी ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा को वापस लेने का निर्णय लिया गया।