
Vijay With Governer(Image-IANS)
Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चल रहा सस्पेंस आखिर खत्म होने जा रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। विजय आज शनिवार को तमिलनाडु के अगले सीएम के तौर पर शपथ लेंगे। राज्य के विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को जारी हुए थे। जिसमें विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी। उसके बाद से सरकार बनाने की कवायद विजय ने तेज की। लेकिन लगातार 4 दिनों तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। कई दौर की बातचीत, समर्थन जुटाने की कवायद और राज्यपाल से लगातार मुलाकातों के बाद भी सरकार बनाने की इजाजत विजय को नहीं मिली। लेकिन आखिरकार उन्हें सरकार बनाने का न्योता मिल गया। रविवार सुबह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
4 मई को आए विधानसभा चुनाव नतीजों ने तमिलनाडु में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से कुछ सीटें पीछे रह गई। पार्टी को 108 सीटें मिली थीं, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी था। ऐसे में असली लड़ाई चुनाव जीतने के बाद शुरू हुई।साथ ही विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीते थे, इसलिए तकनीकी रूप से सदन में उनकी पार्टी के पास 107 विधायक ही माने जा रहे हैं। उन्हें 11 और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी।
सबसे पहले कांग्रेस ने विजय को समर्थन दिया। पार्टी के पांच विधायकों ने साथ आने का फैसला किया। कांग्रेस के समर्थन मिलने के बाद भी नंबर का आंकड़ा 112 तक ही पहुंच रहा था। जिसके बाद विजय लगातार जरुरी नंबर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। बाद में वामपंथी दल भी उनके समर्थन में आ गए। सीपीआई और सीपीएम के कुल चार विधायकों ने बाहर से समर्थन देने की घोषणा की। इन दोनों पार्टियों के पास 2-2 विधायक हैं।
VCK और IUML के समर्थन को लेकर लगातार अटकलें चलती रहीं। शुक्रवार रात वीसीके के सोशल मीडिया अकाउंट से समर्थन का एक पोस्ट सामने आया, लेकिन कुछ देर बाद वह डिलीट हो गया। इतना ही नहीं, अकाउंट भी कुछ समय के लिए सस्पेंड हो गया। जिसके बाद सस्पेंस और बढ़ गया। आखिरकार शनिवार शाम दोनों दलों ने लिखित समर्थन पत्र सौंप दिए और विजय के पास 120 विधायकों का आंकड़ा पहुंच गया।
पिछले तीन दिनों में विजय को कई बार राजभवन से लौटना पड़ा था, क्योंकि बहुमत का जरूरी आंकड़ा पूरा नहीं हो पा रहा था। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलकर विजय कई बार खली हाथ लौट आए। राज्यपाल का कहना था कि पहले जरुरी आंकड़ें जुटा लें, उसके बाद ही सरकार बनाने का दावा पेश करें। 120 विधायकों का समर्थन राज्यपाल के सामने रखने के बाद सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया।
Published on:
10 May 2026 08:07 am
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