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तमिलनाडु में सरकार गठन पर घमासान: प्रियांक खरगे बोले- ‘जब देवेंद्र फडणवीस को मौका मिला, तो विजय को क्यों नहीं?’

Tamil Nadu government formation: तमिलनाडु में सरकार गठन पर सियासी हलचल तेज है। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने TVK प्रमुख थलापति विजय का समर्थन करते हुए कहा कि जब देवेंद्र फडणवीस को मौका मिल सकता है, तो विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण क्यों नहीं दिया जा रहा।

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Priyank Kharge and Thalapathy Vijay

प्रियांक खरगे और विजय (Photo- ANI)

Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु में सरकार गठन का रास्ता अब तक साफ नहीं हो सका है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी TVK भले सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी हो, लेकिन बहुमत से दूरी सरकार बनाने की राह में रोड़ा बन रही है। स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की वजह से सरकार बनाने को लेकर सस्पेंस बरकरार है, क्योंकि TVK पार्टी को बहुमत साबित करने के लिए अभी भी दो विधायकों के समर्थन की दरकार है।

तमिलनाडु की इन तमाम राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने TVK के समर्थन में बड़ा बया दिया है। उन्होंने कहा, 'अकेली सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते TVK राज्यपाल के पास गई, लेकिन राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने का आमंत्रण नहीं दे रही। फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित किया जाता है, राज्यपाल के घर में नहीं…

इस दौरान प्रियांक खरगे ने महाराष्ट्र में सरकार गठन का जिक्र करते हुए कहा, 'देवेंद्र फडणवीस ने कैसे सुबह 5 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी। कर्नाटक में येदयुरप्पा के पास 100 विधायक भी नहीं थे फिर भी उन्हें मौका दिया गया जबकि बाद में फ्लोर टेस्ट में वे विफल हुए थे।'

'राज्यपाल कर रहे लोकतांत्रिक परंपरा की अनदेखी'

तमिलनाडु सरकार के गठन को लेकर CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने शनिवार को कहा कि राज्यपाल कथित तौर पर 'समय-परीक्षित लोकतांत्रिक परंपरा' की अनदेखी कर रहे हैं, जिसके तहत सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी या चुनाव के बाद बने गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर पर भी तंज कसते हुए कहा कि लोक भवन वह जगह नहीं है जहां किसी पार्टी के बहुमत की परीक्षा ली जाती है।'

'बहुमत की परीक्षा सदन के पटल पर होती है'

CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने आगे कहा, 'मैं पूरी विनम्रता के साथ कहना चाहूंगा कि यह राज्यपाल का काम नहीं है। लोक भवन वह जगह नहीं है जहां किसी पार्टी के बहुमत की परीक्षा होती है; यह परीक्षा तो सदन के पटल पर होती है। हम राज्यपाल को पत्र लिखकर सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह करेंगे। हमारे विधायक TVK द्वारा सरकार बनाने का समर्थन कर रहे हैं। अब, VCK को भी समर्थन पत्र भेजना था, जो अभी तक नहीं भेजा गया है।'