
विजय और VCK चीफ थोल थिरुमावल्लवन। (फोटो- ANI)
तमिलनाडु में सियासी घमासान चरम पर है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े नहीं छू पाई है।
इसी बीच भाजपा नेता और पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने बयान देकर माहौल गरमा दिया है। उन्होंने विजय को कामयाबी की बधाई दी, लेकिन साफ कहा कि संविधान के सामने सबको झुकना पड़ेगा।
तमिलिसाई ने कहा कि लोगों का फैसला तो हम सब मानते हैं, लेकिन संविधान भी मानना होगा। अगर नंबर पूरे नहीं हैं तो किसी को भी सरकार बनाने का न्योता नहीं मिल सकता। गवर्नर को दोष देने की बजाय अपनी कमी पर गौर करना चाहिए।
तमिलिसाई ने एमके स्टालिन और डीएमके पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा - अगर आप सरकार बनने में रोड़ा नहीं बन रहे तो फिर VCK चीफ थोल थिरुमावल्लवन स्टालिन के घर क्यों गए और उनसे मुलाकात के बाद वीसीके को फैसला लेने में इतनी देर क्यों लग रहा है?
उन्होंने कहा- DMK कह रही है कि हम नई सरकार बनने से नहीं रोकेंगे, फिर देरी किस बात की? संविधान में साफ है- बहुमत साबित करना पड़ता है।
भाजपा नेता ने विजय की पहली चुनावी लड़ाई में अच्छे प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विजय ने अच्छा असर छोड़ा है, लेकिन सरकार बनाने के लिए 118 का आंकड़ा चाहिए।
TVK के पास करीब 108-113 सीटें बताई जा रही हैं। ऐसे में गठबंधन या समर्थन जरूरी है। तमिलिसाई का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर ने विजय से बहुमत साबित करने को कहा है।
भाजपा नेता ने जोर देते हुए कहा कि गवर्नर को दोषी ठहराना गलत है। पार्टी को अपनी तैयारी पर सवाल करना चाहिए। अगर नंबर कम हैं तो गवर्नर क्या करें? संविधान का पालन हर किसी का फर्ज है।
तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं। बहुमत के लिए 118 चाहिए। TVK सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन पूर्ण बहुमत से थोड़ी दूर। DMK और VCK के रुख पर सबकी नजर है। अगर समर्थन मिला तो सरकार बन सकती है, वरना सुप्रीम कोर्ट या फ्लोर टेस्ट का रास्ता भी खुल सकता है।
Published on:
09 May 2026 04:53 pm
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