
शपथ लेते तपन रॉय और अर्जुन सिंह। (फोटो- ANI)
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार का कैबिनेट विस्तार हो गया है। नए कैबिनेट में 35 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है। इसमें तृणमूल कांग्रेस के दो बड़े चेहरे, जो कभी पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी के मजबूत स्तंभ थे, अब भाजपा सरकार में मंत्री बनाए गए हैं।
मंत्री विस्तार में तापस रॉय और अर्जुन सिंह को भी जगह मिली है। ये दोनों नेता दो साल पहले साल 2024 में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। तापस रॉय और अर्जुन सिंह दोनों ही ममता की पार्टी में लंबे समय तक सक्रिय रहे।
तापस रॉय तो ममता सरकार में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री भी रह चुके हैं। अर्जुन सिंह नोआपाड़ा विधानसभा से विधायक बने हैं। वे टीएमसी में चार बार विधायक रहे हैं। लेकिन दोनों ही नेताओं ने पार्टी में बढ़ते असंतोष के बाद रास्ता बदल लिया।
मार्च 2024 में तापस रॉय ने TMC से इस्तीफा दे दिया और कुछ ही दिनों बाद शुभेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया।
2026 के चुनाव में उन्होंने मणिकतला सीट से भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की। वे पहले प्रोटेम स्पीकर के रूप में भी काम कर चुके हैं, जिससे उनका अनुभव पार्टी के लिए खासा उपयोगी साबित होगा।
अर्जुन सिंह का सफर और भी रोचक रहा। 2019 में वे TMC छोड़ BJP में आए, लोकसभा सांसद बने, फिर 2022 में वापस TMC लौट गए। लेकिन 2024 में जब TMC ने उन्हें लोकसभा टिकट नहीं दिया तो वे नाराज हो गए और मार्च में फिर भाजपा में शामिल हो गए।
इस बार दिब्येंदु अधिकारी के साथ उनका आना काफी चर्चा में रहा। 2026 चुनाव में नोआपाड़ा से विधायक चुने गए अर्जुन सिंह अब मंत्री बन गए हैं।
दोनों नेताओं ने TMC छोड़ने की वजह साफ बताई- पार्टी में 'उपयोग करो और छोड़ दो' वाली नीति, टिकट बंटवारे में पक्षपात और असंतोष का मामला बताया।
अर्जुन सिंह ने खुलकर कहा था कि TMC अपने पुराने कार्यकर्ताओं को अब महत्व नहीं दे रही। भाजपा ने इन दोनों के आने को TMC के बिखराव का प्रमाण बताया।
Updated on:
01 Jun 2026 11:48 am
Published on:
01 Jun 2026 11:48 am
