
tejashwi yadav
One Nation One Election: आरजेडी ने एक राष्ट्र एक चुनाव (One Nation One Election) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा बताया है। राजद नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि ये लोग RSS के एजेंडा को लागू करना चाहते हैं इसलिए हम लोग कहते हैं कि ये लोग संविधान विरोधी हैं। अभी ये कह रहे हैं कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव', आगे कहेंगे 'एक राष्ट्र एक पार्टी, फिर कहेंगे कि 'एक राष्ट्र एक नेता' क्या मतलब हुआ, बाद में पता चलेगा कि विधानसभा चुनाव की जरूरत ही नहीं है।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बीजेपी के लोग वास्तविक मुद्दा पर बात नहीं करते हैं। कहते हैं कि इससे खर्चा बचेगा। तो पीएम मोदी कितना विज्ञापन में खर्चा करते हैं? वह चुनाव से ज्यादा विज्ञापन पर खर्चा करते हैं। वह 11 साल में विज्ञापन पर कितना खर्चा किए ये बता दें? जो बिहार में एक फेज में चुनाव नहीं करा सकता उससे क्या उम्मीद की जाए कि वह 'एक राष्ट्र एक चुनाव' कराए।
वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा आप किसी भी मुद्दे को उठाकर देख लीजिए, आपको समझ आएगा कि किसी भी परिस्थिति में इनके (NDA सरकार) पास दो ही मुद्दे हैं। पहला बांटों और राज करो, दूसरा सभी जरूरी मुद्दों को दरकिनार करना। कोई मुद्दा ऐसा नहीं है जिस पर वे गंभीर हैं। वे केवल हर मुद्दे से देश के लोगों को भटकाते हैं। अगर पैसों की बचत करनी है तो चुनाव आयोग को चुनाव प्रचार का बजट दे दीजिए। उन्हें जर्मनी, यूरोप से सीखना चाहिए। इस बिल से सबसे बुरा हाल एकनाथ शिंदे, नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडु की पार्टियों का होगा।
'एक राष्ट्र एक चुनाव' विधेयक पर शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने कहा कि 1952, 1957, 1962, 1967 में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ हुए थे, तब हो सकते थे तो अब क्यों नहीं हो सकते? इससे पैसों की बचत होगी, समय की बचत होने वाली है, सरकारी अधिकारी, शिक्षक जो महीनों तक चुनाव में काम करते थे वो बोझ कम होने वाला है और सबसे बड़ी बात कांग्रेस के लोग जो चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार करते थे वो खत्म होने वाला है इसलिए वे इसका विरोध कर रहे हैं। देश के हित में एक राष्ट्र-एक चुनाव की जरूरत है।
Published on:
17 Dec 2024 08:03 pm
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