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‘अब यही जिंदगी है’, SC द्वारा बेल खारिज होने के बाद उमर खालिद ने दोस्त बनोज्योत्सना लाहिड़ी से क्या कहा?

लाहिड़ी ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उमर खालिद ने कहा कि वह उन सभी लोगों के लिए बेहद खुश हैं जिन्हें जमानत मिल गई है।

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भारत

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Ashib Khan

Jan 05, 2026

Umar Khalid,Supreme Court,Delhi riots,Gulfisha Fatima,Unlawful Activities Prevention Act,

उमर खालिद ने अपनी दोस्त लाहिड़ी से की बातचीत (Photo-X)

Umar Khalid Bail: सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद खालिद का एक भावुक संदेश सामने आया है। उनकी दोस्त बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया पर उमर खालिद के साथ हुई बातचीत शेयर की है। दिल्ली दंगों के षड्यंत्र में शामिल अपने साथियों को जमानत मिलने पर उमर ने खुशी व्यक्त की है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें जमानत नहीं देने पर निराशा भी जाहिर की है।

उमर की दोस्त ने क्या लिखा?

लाहिड़ी ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उमर खालिद ने कहा कि वह उन सभी लोगों के लिए बेहद खुश हैं जिन्हें जमानत मिल गई है। हालांकि, खुद को जमानत न मिलने पर उन्होंने इसे नियति की तरह स्वीकार करते हुए कहा, “अब यही मेरी ज़िंदगी है।”

लाहिड़ी ने पोस्ट में लिखा कि जब उन्होंने खालिद से मंगलवार को जेल में मुलाकात के लिए आने की बात कही तो खालिद ने कहा, “गुड गुड, आ जाना। अब यही ज़िंदगी है।”

उमर और शरजील को नहीं मिली जमानत

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि दोनों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। हालांकि, इसी मामले में पांच अन्य आरोपियों- गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी गई।

SC ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मुकदमे की सुनवाई में देरी को यूएपीए जैसे कड़े कानूनों के तहत वैधानिक सुरक्षा उपायों को स्वतः ही दरकिनार करने के लिए "ट्रम्प कार्ड" के रूप में नहीं माना जा सकता है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि फरवरी 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। पुलिस का आरोप है कि इन दंगों की साजिश रचने में उमर खालिद और अन्य आरोपियों की भूमिका थी, जबकि सभी आरोपी इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। गौरतलब है कि इस मामले में अभी तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ है, लेकिन पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद पिछले करीब पांच वर्षों से जेल में बंद हैं।