
चुनाव में उतरेगा 400 उम्मीदवारों का रेला !
Tiruppur Farmers Protest: आमतौर पर चुनावों में दो-चार पार्टियों के बीच मुकाबला होता है, लेकिन तमिलनाडु के तिरुपुर में इस बार नजारा कुछ और ही होने वाला है। किसान और आम लोग मिल कर सरकार को सबक सिखाने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला है। यह मामला कचरे के उस पहाड़ और जहरीले पानी का है, जिसने हजारों लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। सरकार और प्रशासन की अनदेखी से तंग आकर अब मुदलिपालयम और नल्लूर के लोगों ने तय किया कि वे तिरुपुर साउथ सीट पर 1-2 नहीं, बल्कि पूरे 400 उम्मीदवार मैदान में उतारेंगे। यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि सिस्टम के खिलाफ एक बड़ी जंग है, जिसका मकसद जीतना नहीं बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की नींद उड़ाना है।
तिरुपुर कॉर्पोरेशन के 60 वार्डों से हर दिन लगभग 573 टन कचरा निकलता है। प्रशासन ने इस कचरे को ठिकाने लगाने के लिए मुदलिपालयम और नल्लूर की पुरानी और खाली पड़ी पत्थर की खदानों को डंपिंग यार्ड बना दिया। सालों तक यहां कचरा डाला गया, जिससे पुरे इलाके का बुरा हाल हो चूका है। वहीं मद्रास हाई कोर्ट ने खदानों में कचरा डालने पर रोक लगा दी है, लेकिन जो कचरा पहले से वहाँ मौजूद है, उसने जमीन के अंदर के पानी को जहरीला बना दिया है।
किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे की वजह से पर्यावरण पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। उनकी मांग है कि इस पूरे इलाके को 'दूषित क्षेत्र' घोषित किया जाए। उनका मानना है कि जब तक सरकार कागजों पर इसे दूषित नहीं मानेगी, तब तक इसकी सफाई और सुधार के लिए कोई बड़ा बजट या योजना नहीं आएगी। इसी मांग को लेकर कई संगठन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक के दरवाजे खटखटा चुके हैं।
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सतीश कुमार और पी. वेलुसामी का कहना है कि उन्होंने मेयर और प्रशासन के सामने कई बार गिड़गिड़ाया, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस के जरिए उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। अब वही मेयर (एन दिनेश कुमार) चुनाव लड़ रहे हैं, तो आम लोग उन्हें जवाब देने की तैयारी कर ली है।
आम लोगों का कहना है कि 400 उम्मीदवार चुनाव नहीं जीतेंगे, लेकिन वे वोट जरूर काटेंगे और पूरी दुनिया का ध्यान इस समस्या की ओर खींचेंगे। यह उन नेताओं के लिए एक सबक होगा जो जनता की सेहत से ज्यादा कचरे के ठेकों को अहमियत देते हैं।
अगर एक ही सीट पर 400 उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तो चुनाव आयोग के लिए भी यह एक बड़ी सिरदर्दी बन जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए वोटिंग मशीन (EVM) का इंतजाम करना मुश्किल होगा ।
Published on:
04 Apr 2026 05:32 pm
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