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अभिषेक बनर्जी के करीबी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी, ज़मीन घोटाले से जुड़ा है मामला

TMC Crisis: पश्चिम मेदिनीपुर अदालत ने जमीन घोटाले में अभिषेक बनर्जी के करीबी सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। टीएमसी के अंदरूनी संकट, सांसदों की बगावत और ईडी जांच के बीच हुई यह कार्रवाई अभिषेक की परेशानियां बढ़ा सकती है।

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Abhishek banerjee

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी (Photo- IANS)

TMC Crisis: पार्टी के अंदर और बगावत और कानूनी मामलों की मार झेल रहे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार सुबह ही अभिषेक के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर CID ने रेड की थी जिसके बाद अब उनके करीबी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने सोमवार को सुमित रॉय के खिलाफ जमीन घोटाले के मामले में यह वारंट जारी किया है। पुलिस के अनुसार कई दिनों तक तलाशी के बावजूद आरोपी का पता नहीं चल पा रहा था और वह जांच में भी सहयोग नहीं कर रहा था जिसके चलते उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

आरोपी को लंबे समय से ढूंढ कर रही पुलिस

अदालत ने पुलिस की अपील स्वीकार करते हुए सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। जांच अधिकारियों के अनुसार कई टीमों को आरोपी की तलाश में लगाया गया था, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को खोजने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को सालबनी पुलिस स्टेशन की टीम केंद्रीय बलों के साथ अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास भी पहुंची थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि रॉय की गिरफ्तारी से जमीन सौदों में अनियमितताओं और कथित आर्थिक लेनदेन की कड़ियां सामने आ सकती हैं।

टीएमसी के बागी सांसदों ने NCPI में विलय किया

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) पहले से ही बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। पार्टी के कम से कम 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र देकर त्रिपुरा आधारित नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की जानकारी दी है। बागी सांसदों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ काम करने का भी संकेत दिया है। हालांकि अभिषेक बनर्जी ने इस कदम को चुनौती देते हुए कहा है कि दल के भीतर किसी अलग गुट को कानूनी मान्यता नहीं मिल सकती। उन्होंने दलबदल विरोधी कानून और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए पार्टी को एकजुट राजनीतिक इकाई बताया।

शिक्षक भर्ती घोटाले में भी अभिषेक से चल रही पूछताछ

टीएमसी पर दबाव केवल राजनीतिक मोर्चे तक सीमित नहीं है। शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर चुका है। इस मामले पर पश्चिम बंगाल के मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि जांच एजेंसियों पर उन्हें पूरा भरोसा है और सच्चाई सामने आएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार सामने आ रहे मामलों और पार्टी के अंदरूनी संकट ने टीएमसी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में अदालत, जांच एजेंसियों और लोकसभा अध्यक्ष के फैसले टीएमसी की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

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