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अरूप रॉय समेत कई नेताओं पर जालसाजी का आरोप, TMC ने की पुलिस से शिकायत, कार्रवाई की मांग

TMC ने कई नेताओं पर पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न की जालसाजी कर फर्जी लेटरहेड बनाने और खुद को महासचिव बताकर पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजने का आरोप लगाया है। मामले में शिकायत कर न्यू टाउन पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।
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भारत

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Satya Brat Tripathi

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Updated: 28 Jun 2026, 11:49 AM IST

Mamata Banerjee

बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी । ( फोटो: ANI)

TMC Complaint Police: तृणमूल कांग्रेस ने कुछ लोगों पर पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इसके लिए कोलकाता स्थित बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के न्यू टाउन थाने में शिकायत दी है। पार्टी का कहना है कि 22 जून 2026 को न्यू टाउन स्थित नोवोटेल कोलकाता होटल एंड रेसिडेंस में अरूप रॉय, ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान, संदीपन साहा, बिप्लब मित्रा और अन्य लोगों ने TMC के नाम और चुनाव चिन्ह की कथित तौर पर जालसाजी की।

शिकायत के मुताबिक, ऋतब्रत बनर्जी ने कथित तौर पर पार्टी का फर्जी लेटरहेड तैयार किया और उसी का इस्तेमाल कर 22 जून को पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर को एक पत्र भेजा। उस पत्र में उन्होंने खुद को तृणमूल कांग्रेस का 'जनरल सेक्रेटरी' बताया। तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस से कहा है कि इस शिकायत को BNSS, 2023 की धारा 173 के तहत सूचना मानकर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए।

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने शनिवार को एक हफ्ते में दूसरी बार बैठक की। इसमें 47 पूर्व पार्षदों शामिल हुए। वहीं, ममता बनर्जी गुट और बागी गुट ने 21 जुलाई को शहीद दिवस पर रैली के लिए कोलकाता के धर्मतला में कार्यक्रम की अनुमति मांगी है। इसको लेकर खींचतान बढ़ गई है। इस संबंध में ममता गुट का कहना है कि पिछले 33 वर्षों से वहीं रैली करता रहा है, जबकि बागी गुट ने इसके लिए आवेदन देने की बात कही है।

महुआ मोइत्रा बोली- पार्टी की पहचान ममता बनर्जी से जुड़ा

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि पार्टी की पहचान, चुनाव चिह्न और जनता का भरोसा पूरी तरह ममता बनर्जी के नेतृत्व से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कुछ विधायक, सांसद या पार्षदों के पार्टी छोड़ने से न तो तृणमूल कांग्रेस की ताकत कम होती है और न ही जनता का दिया गया जनादेश बदल जाता है।

आपको बता दें कि TMC के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पैरलल वर्किंग कमेटी का ऐलान किया था, जिसका अध्यक्ष अरूप राय को चुना गया था। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का ऐलान बागी गुट ने किया था। रूप बिस्वास, फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष बनाया गया।

ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा जनरल सेक्रेटरी बने। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी विधायक अखरुज्जमान अंसारी को सौंपी गई है। वहीं ऋतब्रत ने दावा किया कि यह पूरा अधिवेशन पार्टी संविधान के अनुरूप हुआ था और इसकी जानकारी चुनाव आयोग को दी जाएगी।