
अभिषेक बनर्जी(फोटो- IANS)
Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों से जुड़ा है। कोलकाता नगर निगम यानी KMC ने अभिषेक बनर्जी से जुड़े 17 ठिकानों पर नोटिस जारी किया था। इन नोटिसों में निगम ने संबंधित प्रॉपर्टियों के निर्माण से जुड़ डाक्यूमेंट्स जमा करने को कहा गया है। इस मामले में अब तक अभिषेक बनर्जी का पक्ष सामने नहीं आया था। लेकिन गुरुवार को टीएमसी पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में अपना पक्ष रखा।
KMC के नोटिस पर बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सबसे पहले यह बात नगर निगम से पूछी जानी चाहिए कि मेरी कौन सी प्रॉपर्टी अवैध हैं? मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि मेरी किस प्रॉपर्टी का कौन सा हिस्सा अवैध हैं। अगर निगम यह बता देती है तो मैं उसका कुछ जवाब दे पाऊंगा।
दरअसल, नगर निगम को शिकायत मिली थी कि अभिषेक बनर्जी और उनसे जुड़े कुछ लोगों के कुछ इमारतों में मंजूर नक्शे से अलग निर्माण कराया गया है। इसी शिकायत के बाद कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1980 की धारा 400(1) के तहत कार्रवाई शुरू की गई। निगम की तरफ से भेजे गए नोटिस में साफ कहा गया है कि जिन हिस्सों का निर्माण नियमों के खिलाफ या बिना मंजूरी के हुआ है, उन्हें सात दिनों के भीतर हटाया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित लोगों को जवाब देना होगा कि उनके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए। इसी मामले में अब अभिषेक बनर्जी का पक्ष सामने आया है।
आपको बता दें कि खास बात यह है कि नोटिस जारी होने से ठीक एक दिन पहले ही सीएम शुभेन्दु अधिकारी ने अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने अधिकारियों से ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी से जुड़ी संपत्तियों की पूरी जानकारी मांगी है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनके पास अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 24 संपत्तियों की लिस्ट मौजूद है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ संपत्तियां सीधे अभिषेक बनर्जी के नाम पर हैं।
Updated on:
22 May 2026 08:46 pm
Published on:
22 May 2026 08:39 pm
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