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TN Polls: क्या एमके स्टालिन होंगे अयोग्य घोषित? AIADMK ने EC से की इंदिरा गांधी केस जैसी कार्रवाई की मांग

Tamil Nadu Elections: एआईएडीएमके ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ चुनाव आयोग में दर्ज कराई गंभीर शिकायत। सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सांसद इनबादुरई ने 1975 के इंदिरा गांधी केस का दिया हवाला। क्या स्टालिन भी होंगे अयोग्य? जानें पूरी खबर और डीएमके के खिलाफ लगे आरोपों का सच।

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AIADMK MP IS Inbadurai

AIADMK MP IS Inbadurai (Photo/ANI)

Tamil Nadu Assembly Election 2026: तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में इसको लेकर नेताओं की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में AIADMK ने चुनाव के लिए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पर राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का अवैध तरीके से इस्तेमाल का आरोप लगाया है। इसको लेकर AIADMK सांसद आईएस इनबादुराई ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक को पत्र भी लिखा है। इसमें दावा किया गया कि सरकारी उपकरणों का उपयोग 'DMK4TN' यूट्यूब चैनल पर सामग्री को लाइव-स्ट्रीम करने के लिए किया जा रहा है। अभियान के समाचार एक निजी जीमेल खाते के माध्यम से वितरित किए जा रहे हैं।

अपनी शिकायत में उन्होंने लिखा है कि AIDMK ने तमिलनाडु फिल्म डिवीजन और सोशल मीडिया विंग जैसे कई विभाग प्रमुखों और विंगों को पक्षपातपूर्ण कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल किया है। उन्होंने दावा किया है कि कर्मचारियों को इन कार्यों को करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। एआईएडीएमके ने इसे आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन करार देते हुए चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। साथ ही इसमें शामिल अधिकारियों का तबादला करने और विभाग को अपनी निगरानी में रखने का चुनाव आयोग से आग्रह किया।

AIDMK सांसद ने इंदिरा गांधी का क्यों किया जिक्र?

AIDMK सांसद आईएस इनबादुरई ने आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर मुख्यमंत्री स्टालिन की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास एक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री चुनावी प्रचार के लिए पूरे राज्य में यात्रा कर रहे हैं। सरकारी अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ जा रहे हैं, प्रचार को कवर कर रहे हैं और प्रेस को सूचना वितरित कर रहे हैं, जो आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक, एक अस्थायी वीडियोग्राफर और विभाग के ड्राइवरों सहित विशिष्ट अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ यात्रा कर रहे हैं। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। 1975 में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण मामले में इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द करने का फैसला सुनाया था। यह भी वैसा ही मामला है, क्योंकि मुख्यमंत्री प्रचार में सरकारी अधिकारियों का उपयोग कर रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैंने चुनाव आयोग से इस मामले को गंभीरता से देखने और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मैंने मुख्य चुनाव आयुक्त से तमिलनाडु सरकार के सूचना विभाग से भेजी जा रही सभी सामग्री को जब्त करने का भी अनुरोध किया है।'