
सोनाली और लक्ष्मी आंदेकर (फाइल फोटो)
पुणे नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। नगर निकाय चुनाव आमतौर पर स्थानीय मुद्दों तक सीमित रहते हैं, लेकिन इस बार परिणामों ने राज्य स्तर पर राजनीतिक और नैतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड नंबर 23 से जेल में बंद NCP (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) की दो महिला उम्मीदवारों की जीत ने सभी दलों और मतदाताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसमें 60 वर्षीय लक्ष्मी उदयकांत आंदेकर और 35 वर्षीय सोनाली वनराज आंदेकर शामिल हैं। आपराधिक बैकग्राउंड से जुड़े होने के बावजूद इन दोनों महिलाओं को टिकट देने पर BJP ने NCP की कड़ी आलोचना की है।
डिप्टी सीएम अजीत पवार की पार्टी से जीत हासिल करने वाली ये दोनों महिलाएं कुख्यात गैंगस्टर सूर्यकांत उर्फ बंडू आंदेकर के परिवार से हैं। इस समय तीनों बंडू के पोते की हत्या के मामले में यरवडा जेल में बंद हैं। सोनाली, बंडू आंदेकर की बहू है और के NCP पूर्व नगरसेवक वनराज आंदेकर की पत्नी है। 1 सितंबर 2024 को पुणे के नाना पेठ इलाके में वनराज की हत्या कर दी गई थी। वनराज की हत्या कथित तौर पर उसकी ही बहन के पति गणेश कोमकर ने की थी। गणेश ने एक संपत्ति विवाद के चलते इस घटना को अंजाम दिया था।
वनराज की हत्या के ठीक एक साल बाद 2025 में गणेश के 19 वर्षीय बेटे आयुष कोमकर की हत्या कर दी गई थी। आयुष की हत्या बदला लेने की भावना से की गई थी। इसी हत्या के मामले में बंडू आंदेकर उनके बेटे कृष्णा आंदेकर, सोनाली आंदेकर, लक्ष्मी आंदेकर और कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लक्ष्मी आंदेकर, बंडू की रिश्ते में साली लगती है। लक्ष्मी और सोनाली आंदेकर के न्यायिक हिरासत में होने के बावजूद NCP ने उन्हें चुनावों में टिकट दिया जिसके चलते पार्टी को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।
हालांकि इस सब के बावजूद मतदाताओं ने इन दोनों महिलाओं को उन्हें स्पष्ट जनादेश दिया। वोटों की गिनती के दौरान शुरुआती दो राउंड की गिनती में सोनाली और लक्ष्मी दोनों पिछड़ रही थीं, लेकिन बाद में दोनों ने जीत हासिल की। सोनाली ने पूर्व विधायक और शिवसेना नेता रविंद्र धंगेकर की पत्नी प्रतिभा धंगेकर को हरा कर 13,819 वोटों से वार्ड नंबर 23(b) पर जीत हासिल की। वहीं लक्ष्मी ने भाजपा उम्मीदवार ऋतुजा गडाले को बहुत ही कम अंतर से मात दी। लक्ष्मी 12,641 वोट से जीती और ऋतुजा को 12,500 वोट मिले। लक्ष्मी ने सिर्फ 141 वोटों से ऋतुजा को हरा दिया। इस मामले पर बयान देते हुए आंदेकर परिवार के वकील मिठुन चव्हाण ने कहा कि यह जीत आंदेकर परिवार के पिछले कई सालों से किए गए समाज सेवा के कार्यों का नतीजा है।
Published on:
17 Jan 2026 10:14 am

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