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UGC NET Retest Date 2026: UGC-NET में तीन विषयों की परीक्षा फिर से, 9-10 सितंबर को होगा री-एग्जाम; NTA ने बताई वजह

UGC NET Retest Date 2026: तीन विषयों के अभ्यर्थियों को अब एक बार फिर परीक्षा की तैयारी करनी होगी। NTA ने नई तारीखों का ऐलान कर दिया है, जबकि बाकी विषयों की प्रक्रिया पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 20, 2026

UGC NET 2026 Retest

UGC NET 2026 Retest: UGC-NET के तीन पेपरों पर फिर परीक्षा, अंग्रेजी-कॉमर्स 9 सितंबर और समाजशास्त्र का टेस्ट 10 सितंबर को

UGC NET September 2026 Exam: UGC-NET जून 2026 की परीक्षा में सामने आई सवालों की गड़बड़ियों ने अब परीक्षा एजेंसी को दोबारा परीक्षा कराने के फैसले तक पहुंचा दिया है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह फैसला उन शिकायतों के बाद आया, जिनमें प्रश्नपत्र की गुणवत्ता, तथ्यात्मक त्रुटियों और अन्य विसंगतियों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

दिल्ली हाईकोर्ट में सरकार ने दी अहम जानकारी

UGC-NET जून 2026 से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि तीन विषयों के पेपर दोबारा कराए जाएंगे। इनमें अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र शामिल हैं। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को परीक्षा की नई तारीखों की जानकारी दी।

मामला उस समय अदालत पहुंचा था जब समाजशास्त्र की परीक्षा देने वाले एक अभ्यर्थी ने परिणाम घोषित करने पर रोक लगाने, स्वतंत्र जांच कराने और परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग की थी। अदालत ने सरकार की ओर से दी गई जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

9 और 10 सितंबर को होगा री-एग्जाम

NTA की ओर से तय कार्यक्रम के मुताबिक तीनों विषयों की परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में होगी।

  • अंग्रेजी: 9 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
  • कॉमर्स: 9 सितंबर 2026, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक
  • समाजशास्त्र: 10 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक

इन विषयों के उम्मीदवारों से दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। परीक्षा केंद्र, शहर की जानकारी और एडमिट कार्ड से जुड़ी सूचना NTA की ओर से अलग से जारी की जानी है।

आखिर क्यों रद्द करने पड़े तीनों पेपर?

पूरे विवाद की शुरुआत अभ्यर्थियों की शिकायतों से हुई। उम्मीदवारों ने प्रश्नपत्रों में कई तरह की खामियों का आरोप लगाया था। इसके बाद NTA ने मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की।

जांच के दौरान तथ्यात्मक, टाइपिंग, भाषा, अनुवाद और प्रश्नों से जुड़ी कमियां सामने आने की बात कही गई। रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकला कि खामियों का स्तर इतना गंभीर था कि केवल कुछ सवाल हटाकर या उत्तर कुंजी में बदलाव करके परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करना पर्याप्त नहीं होगा।

यही वजह है कि तीनों विषयों की पूरी परीक्षा दोबारा कराने का रास्ता चुना गया।

समाजशास्त्र के पेपर पर सबसे ज्यादा सवाल

समाजशास्त्र के प्रश्नपत्र को लेकर उम्मीदवारों की शिकायतें काफी चर्चा में रही थीं। रिपोर्टों के अनुसार कई नामों और शब्दों की स्पेलिंग तथा अनुवाद को लेकर आपत्तियां सामने आईं। उदाहरण के तौर पर समाजशास्त्र के प्रमुख विद्वानों के नामों में भी गलतियां होने का दावा किया गया था।

इसके अलावा कुछ अभ्यर्थियों ने पुराने प्रश्नों के दोहराए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। अंग्रेजी और कॉमर्स के पेपर में भी बड़ी संख्या में पुराने प्रश्नों के दोहराव के आरोप सामने आए थे। हालांकि इन दावों और पेपर तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग स्तर पर जांच और स्पष्टीकरण सामने आए हैं।

84 विषयों के उम्मीदवारों को राहत

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि UGC-NET जून 2026 के बाकी 84 विषयों की प्रक्रिया पर तीन विषयों के री-एग्जाम का असर नहीं पड़ेगा। NTA ने स्पष्ट किया है कि इन विषयों के परिणाम की प्रक्रिया निर्धारित तरीके से आगे बढ़ेगी।

UGC-NET जून 2026 परीक्षा का आयोजन 22 जून से 30 जून के बीच 87 विषयों में किया गया था। यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और कुछ श्रेणियों में पीएचडी प्रवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षा है।

उम्मीदवारों के सामने अब दोबारा तैयारी की चुनौती

जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही परीक्षा दे दी थी, उनके लिए दोबारा तैयारी करना आसान नहीं होगा। कई उम्मीदवार परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे थे और अब उन्हें एक बार फिर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ेगा।

हालांकि री-एग्जाम का फैसला अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त मेहनत जरूर लेकर आया है, लेकिन परीक्षा में गंभीर खामियां पाए जाने की स्थिति में दोबारा परीक्षा को निष्पक्षता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

NTA की परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

UGC-NET विवाद ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी अंतिम जांच की प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है। सवाल सिर्फ तीन पेपर दोबारा कराने का नहीं है, बल्कि यह भी है कि इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा में प्रश्नपत्र उम्मीदवारों तक पहुंचने से पहले कितने स्तर की मानवीय और विशेषज्ञ जांच से गुजरता है।

NTA पहले ही कई बड़ी परीक्षाओं के संचालन को लेकर सार्वजनिक जांच और आलोचना का सामना कर चुका है। ऐसे में UGC-NET के तीन पेपरों का दोबारा आयोजन एजेंसी के लिए केवल परीक्षा कराने की कवायद नहीं, बल्कि उम्मीदवारों का भरोसा दोबारा मजबूत करने की परीक्षा भी है। हालिया रिपोर्टों में NTA की पेपर-सेटिंग और विशेषज्ञ समीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की चर्चा भी सामने आई है।

अब निगाहें सितंबर की री-एग्जाम प्रक्रिया पर रहेंगी। उम्मीदवारों के लिए सबसे अहम सवाल यही होगा कि इस बार प्रश्नपत्र पूरी तरह त्रुटिरहित हो और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर किसी नए विवाद की गुंजाइश न बचे।