
दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात (इमेज सोर्स: ANI)
Flood Alert: देश के कई राज्यों में लगातार भारी बारिश जारी है। दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। एयरपोर्ट रोड स्थित द्वारका अंडरपास समेत कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में तीन दिनों में 205 मिमी बारिश हुई है। शहर के कई इलाकों में 5 फीट तक पानी भर गया। घरों और हॉस्टलों में पानी घुसने से बुधवार को करीब 2000 प्रतियोगी छात्रों ने हॉस्टल छोड़ दिए। आज भी 9 जिलों में रेड अलर्ट जारी है। वाराणसी में घाटों के किनारे बने 100 से ज्यादा मंदिरों में गंगा का पानी घुस गया है। मणिकर्णिका घाट पर छत पर अंतिम संस्कार हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। सतना में चित्रकूट की गुप्तगोदावरी में पानी बढ़ गया। डिंडौरी में नदी-नाले उफान पर हैं और 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूट गया। पन्ना के कई गांवों में भी पानी भर गया। पूर्वी मध्य प्रदेश के 5 जिलों में 8 इंच तक बारिश का अलर्ट है।उत्तराखंड में बारिश संबंधी घटनाओं में बुधवार को 4 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 साल का बच्चा और दिल्ली की 25 साल की महिला शामिल हैं। लैंडस्लाइड से कई सड़कें बंद हो गई हैं। टिहरी डैम का जलस्तर वार्निंग लेवल पार कर गया है। इस सीजन में अब तक 33 मौतें हो चुकी हैं।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और लैंडस्लाइड के कारण 88 सड़कें बंद हैं। इस मानसून में अब तक करीब 1033 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।बिहार में 19 जिलों में बारिश का अलर्ट है। नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंडक नदी उफान पर है। बगहा में एक स्कूल नदी में समा गया। असम के गुवाहाटी और जोनाई में बाढ़ जैसे हालात हैं। ओडिशा में 6 जिलों के कई गांव डूब गए और 3 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और अलर्ट जारी हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने 20 अगस्त 2026 को जारी प्रेस रिलीज में मौजूदा मौसम स्थिति और अगले दो हफ्तों (20 अगस्त से 2 सितंबर 2026) का विस्तारित पूर्वानुमान जारी किया है। पिछले सप्ताह (13-19 अगस्त) में उत्तर बंगाल की खाड़ी से दो डिप्रेशन सिस्टम बने, जिनसे गंगा के मैदान, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार में कई जगहों पर अत्यधिक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। पूरे देश में साप्ताहिक बारिश सामान्य से 16 प्रतिशत कम रही। जून से 19 अगस्त तक मौसमी बारिश भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम है। बड़े पैमाने की स्थितियों में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मध्यम एल नीनो जारी है, जो और मजबूत हो सकता है। भारतीय महासागर डिपोल (IOD) न्यूट्रल है।
वर्तमान वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया कमजोर होगा। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, मध्य भारत, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड में काफी जगहों पर व्यापक बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी हिमालय और केरल-कर्नाटक तट पर भी बारिश हो सकती है। कुल मिलाकर देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है।
उत्तर बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर बनने की संभावना है। पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत, पश्चिमी हिमालय और कोंकण-गोवा में भारी बारिश हो सकती है। कुल देश में फिर से बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।तापमान के मामले में उत्तर-पश्चिम मैदानों में अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री अधिक रह सकता है। हीट वेव की कोई संभावना नहीं है।यह पूर्वानुमान कृषि और आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
Updated on:
20 Aug 2026 06:41 pm
Published on:
20 Aug 2026 06:41 pm
