
TMC नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती (X-Photo)
TMC Leader Brahmananda Chakraborty Arrest: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर इलाके में पुलिस ने टीएमसी (TMC) नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती (Brahmanand Chakraborty) को गिरफ्तार कर लिया है। ब्रह्मानंद चक्रवर्ती पर सरकारी आवास योजना से जुड़े मामलों में कमीशन लेने और लाभार्थियों से कथित तौर पर जबरन वसूली करने के आरोप हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने उन्हें एक कपड़े की दुकान से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी का तरीका इतना असामान्य था कि पूरे इलाके में इसकी चर्चा होने लगी। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई से बचने के लिए ब्रह्मानंद चक्रवर्ती साड़ियों के बड़े ढेर के नीचे छिप गए थे, लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रही और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
उदयनारायणपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर इलाके में पुलिस काफी समय से TMC नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती की तलाश कर रही थी। उनके खिलाफ मिली शिकायतों और चल रही जांच के आधार पर पुलिस टीम इलाके में पहुंची थी। जैसे ही पुलिस के आने की जानकारी मिली, ब्रह्मानंद चक्रवर्ती वहां से निकलकर पास की एक कपड़े की दुकान में घुस गए। दुकान के भीतर बने स्टोररूम में साड़ियां रखी हुई थीं। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने खुद को उन्हीं साड़ियों के ढेर के नीचे छिपा लिया, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम जब दुकान की तलाशी ले रही थी, तब स्टोररूम में रखे साड़ियों के ढेर पर अधिकारियों की नजर गई। जांच के दौरान पुलिस को लगा कि कपड़ों का एक हिस्सा सामान्य ढंग से नहीं रखा गया है। इसके बाद अधिकारियों ने एक-एक करके साड़ियों के बंडल हटाने शुरू किए। जैसे ही सारी साड़िया वहां से हटी तो पुलिस का शक सही साबित हुआ। साड़ियों के नीचे छिपे ब्रह्मानंद चक्रवर्ती को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ब्रह्मानंद चक्रवर्ती पर सरकारी आवास योजना से जुड़े मामलों में कमीशन लेने और लाभार्थियों से कथित तौर पर जबरन वसूली करने के आरोप लगे हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस और प्रशासन की जांच चल रही थी। इलाके के कई लोगों ने आरोप लगाया था कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे पैसे मांगे गए।
ब्रह्मानंद चक्रवर्ती पर कमीशन के आरोपों के साथ उन पर साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा से जुड़े मामलों में भी शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस इन मामलों की भी जांच कर रही है और संबंधित दस्तावेजों तथा शिकायतों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर सभी आरोपों की जांच जारी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कमीशनखोरी और वसूली के मामलों में कितने और लोग शामिल थे।
Updated on:
07 Jun 2026 02:55 pm
Published on:
07 Jun 2026 02:55 pm
