
कर्नाटक में 400 घरों पर चला बुलडोजर (Photo-IANS)
Bengaluru Demolitions: कर्नाटक में बेंगलुरु में करीब 400 घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। इनमें ज्यादातर मुस्लिम पीड़ित थे। वहीं कांग्रेस सरकार की इस कार्रवाई पर राजनीति तेज हो गई है। अब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटनाओं की तुलना उत्तर प्रदेश में की गई इसी तरह की कार्रवाइयों से नहीं की जानी चाहिए।
आईयूएमएल नेता ने कहा कि इस मामले में उन्होंने कर्नाटक के वरिष्ठ नेताओं से बात की है, जिसमें सीएम सिद्धारमैया और कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं। पीके कुन्हालीकुट्टी ने आगे कहा कि इन मुलाकातों के आधार पर कर्नाटक की स्थिति अलग है, क्योंकि बेंगलुरु में तोड़फोड़ की कार्रवाई से कई समुदायों के लोग प्रभावित हुए हैं।
पीके कुन्हालीकुट्टी ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने प्रभावित लोगों को पुनर्वास पैकेज देने का वादा किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस हाई कमान पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के पोस्ट पर बीजेपी नेता आर अशोक ने सवाल उठाया कि क्या केसी वेणुगोपाल कर्नाटक के सुपर सीएम की तरह व्यवहार कर रहे हैं?
बीजेपी नेता ने कहा कि प्रदेश में संवैधानिक रूप से निर्वाचित मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल का शासन है, न कि दिल्ली में बैठे एआईसीसी महासचिव का। उन्होंने वेणुगोपाल की टिप्पणियों को संघवाद का अपमान बताया और कांग्रेस नेतृत्व पर राज्य सरकार पर दबाव डालने का आरोप लगाया।
बता दें कि वसीम लेआउट और फकीर कॉलोनी में 400 घरों पर बुलडोजर चलाया गया था। आरोप है कि यह अभियान बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा भविष्य में बनने वाले अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र के लिए निर्धारित भूमि पर अवैध रूप से निर्मित संरचनाओं को हटाने के लिए चलाया गया था।
Updated on:
28 Dec 2025 06:12 pm
Published on:
28 Dec 2025 07:11 pm
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