
ऑनलाइन ठगी का ये तरीका आपको कर देगा हैरान, OTP पूछे बिना ही 5 सेकंड में खाते से गायब हुए 1 लाख 14 हजार
नीमच। साइबर महकमे की तमाम सख्तियों और व्यवसाथओं के बावजूद देशभर में इन दिनों ऑनलाइन ठगी की घटनाएं होना आम सी बात हो गई हैं। जैसे जैसे साइबर सेल द्वारा लोगों में ठगी के तरीकों से बचाव के तहत जागरुकता फैला रहे हैं, वैसे वैसे साइबर ठग ऑनलाइन ठगी के अलग अलग तरीके खोज ले रहे हैं। आमतौर पर ठगी करने वाले पहले खाता धारको के खाता और मोबाइल नंबर निकालते हैं। इसके बाद उनसे संपर्क कर दस्तावेज अपडेट कराने के नाम पर उनके खातों में जमा राशि निकाल लेते हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को नीमच के जीरन थाने में सामने आया, यहां ठगों ने युवक से बातचीत करने के दौरान सिर्फ 5 से 10 सेकंड के भीतर ही 1 लाख 14 हजार रुपये उड़ा दिये।
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इस नंबर से आया था फोन
नीमच के जीरन थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम हरक्याखाल के निवासी पवन कुमार पिता ओमप्रकाश रेगर के खाते से ऑनलाइन ठगों ने सिर्फ 5 से 10 सेकंड के भीतर खाते से 1 लाख 14 हजार की राशि निकाल ली। जब पवन कुमार को उसके मोबाइल पर मैसेज आया कि, उनके खाते से रुपये निकले हैं, तो उन्होंने मामले को लेकर पहले एसबीआई बैंक के शाखा प्रबंधक को आवेदन दिया। साथ ही, एसपी सूरज कुमार वर्मा को भी इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई।दर्ज शिकायत के अनुसार, उनका एसबीआई बैंक शाखा भोलियावास में खाता है, उन्हें शनिवार सुबह 9 बजे अज्ञात फोन नंबर 7364087955 से फोन आया, जिसमें उनसे कहा गया कि, आप के दस्तावेज अपडेट करने हैं। इसपर जब उनकी ओर से स्वीकृति देते ही उनके खाते से पहले 50 हजार, 35 हजार फिर 25 हजार बिना ओटीपी दिए गायब हो गए। उसके बाद ठगी करने वालों द्वारा पवन कुमार के खाते में पुनः 50 हजार ओर 35 हजार डिपाजिट किये गए।
बिना OTP दिये उड़ा लिये रुपये
जब पवन कुमार द्वारा उनसे खाते से रुपये कटने के संबंध में पूछा गया, तो ठगों ने उनसे कहा कि, आपके खाते में पुनः पैसे आ गए हैं खाता अपडेट करने के दौरान पैसे निकल गए थे। इधर, पवन कुमार रेगर की फोन पर बात चल ही रही थी की उसके खाते से दौबारा 9 हजार, 5 हजार, 20 हजार, 19 हजार, 25 हजार और 35 हजार गायब हो गए। इस तरह सारी रकम मिलाकर उसके खाते से 1 लाख 14 हजार रुपए ऑनलाइन ठगी की गई। पवन कुमार रेगर ने उपरोक्त घटना के बाद पहले एसबीआई बैंक भोलियावास के शाखा प्रबंधक को आवेदन सौंपा उसके पश्चात उसने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक के नाम एसपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन सौंपा। पवन कुमार रेगर ने बताया कि, उसके द्वारा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन खरीदी भी नहीं की गई और न ही किसी को किसी प्रकार की खाते के बारे में जानकारी और ओटीपी शेयर की गई, इसके बावजूद भी उनके खाते से 1 लाख 14 हजार कैसे निकाले गए, ये बड़ा सवाल है।
Published on:
03 Apr 2021 07:22 pm
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