
नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार
नीमच. भारतीय जनता पार्टी के नेता जब अपनी समस्याओं को लेकर उलझ जाते हैं तो उन्हें भगवान श्रीराम नजर आने लगते हैं। ऐसा ही कुछ शुक्रवार को हुआ। पत्रकारों के बीच चर्चा में नीमच विधायक ऐसा कुछ बोल गए जो उन्होंने सोचा नहीं होगा। भगवान श्रीराम को लेकर कहीं बात उनके लिए परेशानी का कारण न बन जाए।
मैं तो एक जनप्रतिनिधि भर हूं
जनआशीर्वाद यात्रा के संबंध में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार ने कहा कि जब भगवान राम भी सभी समस्याओं को हल नहीं कर सके थे तो मैं कैसे कर सकता हूं। मैं तो एक जनप्रतिनिधि भर हूं। विद्युत शिकायत केंद्र पर मुख्यमंत्री की आमसभा जनता की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए आयोजित की जा रही है। भीड़ जुटाने के उद्देश्य से नहीं। यह बात विधायक ने तब कही जब उनसे पूछा गया कि पिछले १५ साल सत्ता में रहने के बाद भी विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं जहां आज भी मूलभूत सुविधाएं ग्रामीणों को नहीं मिल रही है। लोग पीने के पानी और सड़क जैसे मूलभूत सुविधाओं को तरस गए हैं। ट्रॉमा सेंटर जल्दबाजी में शुरू करने के प्रश्न पर विधायक ने यह स्वीकारा कि डाक्टरों की कमी तो है। लेकिन पिछली सरकार के कार्यकाल से तुलना करें तो भाजपा शासन में चिकित्सा सुविधाओं में काफी वृद्धि हुई है। नवजात बच्चों के लिए नया आईसीयू प्रारंभ किया गया है। 65 तरह की दवाएं मुफ्त मिल रही है। 35 तरह की जांच नि:शुल्क हो रही है। विधायक ने बताया कि जनआशीर्वाद यात्रा में नीमच पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री का डुंगलावदा चौराहे पर अगवानी की जाएगी। मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी भी सीएम का स्वागत करेंगे। इसपर प्रतिप्रश्न किया गया कि सामाजिक और धार्मिक संगठनों को क्यों आमंत्रित किया गया। उनका तर्क था कि मुख्यमंत्री ने सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए हैं। पाटीदार छात्रावास के लिए 10 लाख रुपए सीएम ने दिए। ढाई लाख रुपए मैंने दिए। इसी प्रकार अन्य सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं का सहयोग किया गया है। वे स्वयं की इच्छा से स्वागत करने आएंगे। किसी को बुलाया नहीं गया है। जिला मुख्यालय में सकरे स्थान पर सीएम की सभा क्यों आयोजित की जा रही है। क्या सभा में भीड़ कम जुटने की आशंका है। विधायक का कहना था कि ऐसा नहीं है। सीएम सुबह कुकड़ेश्वर से जनआशीर्वाद यात्रा निकालेंगे। नीमच पहुंचते-पहुंचते शाम हो जाएगी। शहर के मध्य से यात्रा गुजरेगी। इस कारण फोर जीरो चौराहे पर सभा रखी गई है। बार बार यात्रा का रूठ क्यों बदला गया। पिछले दिनों आपको राबडिय़ा में जनता के विरोध का सामना करना पड़ा था इसलिए उसे क्षेत्र से यात्रा का मार्ग ही बदल दिया गया। उनका तर्क था। जनता की सर्वेसर्वा है। अच्छे कार्य करने पर जनता सिर पर बैठाती है। बुरे काम करने पर टमाटर फेंककर मारती है। जहां तक रूट बदलने का प्रश्न है तो पहले रामपुरा से यात्रा प्रारंभ होने वाली थी। लेकिन उसे बाद में कुकड़ेश्वर से किया गया। इसके बाद भी मार्ग काफी बड़ा हो रहा था। इसलिए रूट में परिवर्तित करना पड़ा। भाजपा नेताओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रखा है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। परिहार ने कहा कि मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। मुख्यमंत्री ने उन लोगों को आवासीय पट्टे जारी किए हैं जो वर्षों से एक ही स्थान पर रह रहे थे।
सीएम 11.15 बजे पहुंचेंगे कुकड़ेश्वर
जिला सत्कार अधिकारी की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि 5 अगस्त को मुख्यमंत्री हैलीकॉप्टर से कुकड़ेश्वर पहुंचेंगे। यहां रथसभा करेंगे। इसके बाद सुबह 11.35 बजे से मुख्यमंत्री जनआशीर्वाद यात्रा प्रारंभ होगी। यात्रा पिपलिया घोटा, हाड़ी पिपलिया, हांसपुर फंटा, मनासा पहुंचेगी। मनासा में मंच सभा होगी। इसके बाद अल्हेड़ पहुंचेगी जहां रथ सभा होगी। यहां से यात्रा बांगरेड़, लासूर, मोरवन पहुंचेगी। मोरवन में मुख्यमंत्री की मंचसभा आयोजित की गई है। सरवानिया महाराज में रथसभा होगी। उपरेड़ा, मोड़ी, बरखेड़ा कामलिया होते हुए यात्रा जावद पहुंचेगी। जावद में सीएम की रथ सभा होगी। वहां से सुवाखेड़ा, डूंगलावदा फंटा, कनावटी होते हुए मुख्यमंत्री का रथ नीमच पहुंचेगा। नीमच में फोर जीरो चौराहे पर मंच सभा होगी। नीमच में सभा समाप्ति के बाद सीएम जीरन, कुचड़ौद, होते हुए मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील में प्रवेश करेंगे।
Published on:
03 Aug 2018 11:05 pm
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