
नीमच। स्वच्छता का वातावरण बनाने के लिए शहर में नित नया किया जा रहा है। शहर के नागरिकों को समझाने से लगाकर उन्हें सफाई के तरीके अपनाने के लिए भी नगरपालिका की टीमों द्वारा तैयार किया जा रहा है। इन सबके अलावा नगरपालिका ने स्वच्छता एप डाउन लोड कराने के लिए नया तरीका अपनाया है। युद्ध स्तर पर डस्टबिन वितरण शुरू किया गया है, जहां डस्टबिन दिए जा रहे हैं वहां पर स्वच्छता एप भी लोगों के एंड्रायड मोबाइल में डाउन लोड कराया जा रहा है। सीआरपीएफ इस दौड़ में सबसे आगे हैं।
रविवार को प्रात:सीआरपीएफ कैंपस के आवासीय क्वार्टर्स में डीआईजी राजीवरंजन कुमार और नपा अध्यक्ष राकेश जैन पप्पू की मौजूदगी में नपा की टीम ने डस्टबिन वितरित किए। बाकायदा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जवानों और उनके परिजनों को स्वच्छता के फायदे बताए गए, परिसर और घरों को साफ सुथरा रखने के तरीके बताए गए। उन्हें बताया गया कि किचन वेस्ट यानि गीला कचरा और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित करें, नपा के कचरा संग्रहण वाहनों में कचरा डालें। गीले वेस्ट से कंपोस्ट खाद बनाई जा रही है।सूखा कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड पर पहुंचा दिया जाता है।
इस दौरान केंपस में घर-घर दस्तक देकर नपा की आईईसी टीम के युवक-युवतियों ने जवानों और उनके परिजनों के एंड्रायड मोबाइल में स्वच्छता एप डाउन लोड करवाए। इस अवसर पर डीआईजी राजीव रंजन कुमार ने कहा कि नीमच को स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर वन बनाने के लिए सीआरपीएफ द्वारा हर संभव सहयोग दिया जाएगा। कैंपस को साफ सुथरा रखने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।जवानों द्वारा शहर में भी समय-समय पर स्वच्छता जागरूकता रैलियां निकाली जा रही है। नपा अध्यक्ष राकेश जैन पप्पू ने कहा कि नीमच की सफाई व्यवस्था में तेजी से सुधार हो रहा है। स्वच्छ शहरों की श्रेणी में नीमच को नंबर एक पर लाने में नागरिकों की अहम भूमिका है। उनके सहयोग के बिना यह संभव नहीं। स्वास्थ्य सभापति ओमप्रकाश काबरा ने सीआरपीएफ केंपस की सड़कों के नवनिर्माण और पेयजल समस्या के जल्द निराकरण की बात कही।स्वच्छता अभियान की श्रृंखला में इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए ग्रुप केंद्र के उप कमांडेंट मनोजकुमार ने विशेष भूमिका निभाई।
जमीनी स्तर पर काम हो रहे हैं
इस मुहिम में अब तक सीआरपीएफ ने सबसे ज्यादा योगदान दिया है। यहां पर किचन वेस्ट से कंपोस्ट खाद बनाने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। स्वच्छता के लिए बल की हर इकाई में जमीनी स्तर पर काम हो रहे हैं। हर घर में डस्टबिन का उपयोग करने के साथ ही एप डाउन लोड करने की संख्या भी शहर के अन्य क्षेत्रों की तुलना में यहंा सर्वाधिक है। केवल सीआरपीएफ केंपस में अधिकारियों, जवानों के मोबाइल में करीब 3 हजार से अधिक एप डाउन लोड हो चुके हैं।
Published on:
25 Dec 2017 05:48 pm
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