
दिल्ली में नवरात्रि के पहले दिन कुट्टू का आटा खाने से 200 लोग बीमार।
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में नवरात्रि के पहले दिन उस समय हड़कंप मच गया, जब कुट्टू का आटा खाने से 200 लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को परिजनों ने आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। अचानक अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और पुलिस को सूचना देने के साथ ही लोगों का इलाज शुरू किया गया। सभी मरीजों का बाबू जगजीवन राम (बीजेआरएम) अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसके साथ ही एक बार फिर बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर बहस शुरू हो गई है।
बीजेआरएम अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. विशेष यादव ने HT को बताया कि जहांगीरपुरी, महेंद्र पार्क, समयपुर, भलस्वा डेयरी, लाल बाग और स्वरूप नगर जैसे इलाकों से करीब 150–200 लोग इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हुए। सभी को उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें थीं। पूछताछ करने पर पता चला कि इन सभी लोगों ने नवरात्रि व्रत के चलते कुट्टू के आटे से बने व्यंजन खाए थे। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और लोगों का इलाज शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों की हालत तो सामान्य हो गई, लेकिन कुछ लोगों की हालत अभी स्थिर है।
अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने की जानकारी पर एक्टिव हुई पुलिस ने तुरंत बीट स्टाफ और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए इलाके के दुकानदारों और लोगों को सतर्क किया। साथ ही, खाद्य विभाग को जांच और आगे की कार्रवाई के लिए सूचना दे दी गई है। फिलहाल, आटे के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि सोमवार सुबह लगभग 6:10 बजे जहांगीरपुरी थाना पुलिस को सूचना मिली कि बड़ी संख्या में लोग कुट्टू का आटा खाने के बाद उल्टी और बेचैनी की शिकायत के चलते अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई।
बीजेआरएम अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. विशेष यादव का कहना है कि धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि पर लोग मां आदिशक्ति की आराधना के लिए पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं। ऐसे में कुछ सावधानियां रखनी जरूरी हैं। इसमें व्रत के भोजन में इस्तेमाल करने के लिए हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही कुट्टू या सिंघाड़े का आटा खरीदें। इसके अलावा पैक्ड आटा लेते समय मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। खुले या ज्यादा नमी वाले आटे से परहेज करें, क्योंकि इसमें खराबी जल्दी हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि व्रत हो या फिर सामान्य खान-पान, हमेशा घर में तैयार की गई खाद्य सामग्री सबसे सुरक्षित होती है, क्योंकि इसमें साफ-सफाई और गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता है। कुट्टू या सिंघाड़े का आटा बाजार से खरीदने के बजाय इसे घर पर पीसवाने का विकल्प सबसे सुरक्षित होता है। इसके अलावा खाना बनाने से पहले आटे को सूंघकर देखें, अगर बदबू आए तो उसका इस्तेमाल न करें। व्रत के दौरान हल्का और पचने वाला भोजन करें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
Updated on:
23 Sept 2025 12:18 pm
Published on:
23 Sept 2025 12:18 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
