5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मैं सीएम रेखा गुप्ता को चैलेंज करती हूं…आप नेता आतिशी की दिल्ली की मुख्यमंत्री को सीधी चुनौती

AAP Leader Atishi: दिल्ली में स्कूल फीस वृद्धि के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को खुली चुनौती दी है। आतिशी ने कहा, "अगर भाजपा सरकार की निजी स्कूलों से कोई सांठगांठ नहीं है, तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को चाहिए कि वे आज ही आदेश जारी करें और बढ़ी हुई स्कूल फीस पर तत्काल रोक लगाएं।"

3 min read
Google source verification
AAP Leader Atishi: मैं सीएम रेखा गुप्ता को चैलेंज करती हूं…आप नेता आतिशी की दिल्ली की मुख्यमंत्री को सीधी चुनौती

AAP Leader Atishi: दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। सोमवार को आम आदमी पार्टी की कालकाजी विधायक और दिल्ली सदन में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता को एक पत्र लिखकर सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा "यह मेरा रेखा गुप्ता को सीधा चैलेंज है। अगर दिल्ली के शिक्षा माफिया से भाजपा सरकार की साठगांठ नहीं है तो निजी स्कूलों में बढ़ी हुई फीस पर तुरंत रोक लगाई जाए। जिन स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी की है, उनका स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। ऑडिट के बाद ही किसी भी स्कूल को सीमित दायरे में (1-2 प्रतिशत) फीस बढ़ाने की अनुमति दी जाए।” अब नीचे खबर में आतिशी का लिखा हूबहू पत्र पढ़िए…

सीएम रेखा गुप्ता को संबोधित करते हुए आतिशी ने लिखा पत्र

आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता के नाम पत्र में लिखा "मैं आपको दिल्ली के बड़ी संख्या में अभिभावकों की पीड़ा बताने के लिए पत्र लिख रही हूं। जिन्हें कई निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से बढ़ाई गई फीस और अन्य शुल्क का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हर दिन ऐसी खबरें आती हैं कि किसी न किसी स्कूल ने असहाय अभिभावकों को फीस बढ़ोतरी का नोटिस भेजा है। अभिभावकों को यह भी धमकी दी जाती है कि वे बढ़ी हुई फीस जमा करें। वरना उनके बच्चों को कक्षाओं में नहीं आने दिया जाएगा। यह बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद अपमानजनक है।"

आतिशी ने अपने पत्र में आगे लिखा "महोदया, शिक्षा कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं है और निजी स्कूलों में मुनाफाखोरी की अनुमति नहीं दी जा सकती। पिछले 10 सालों में अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस सिद्धांत का न केवल अक्षरशः बल्कि भावना से भी पालन किया है। दुर्भाग्य से आपकी सरकार के पहले दो महीनों में ही ऐसा प्रतीत होता है कि निजी स्कूलों को अभिभावकों को अपनी इच्छानुसार लूटने का लाइसेंस दिया जा रहा है।"

यह भी पढ़ें : दिल्ली में नया कानून बनाने जा रही सीएम रेखा गुप्ता, क्यों खुश हुए मनीष सिसोदिया?

निजी स्कूलों का उदाहरण देकर याद दिलाई प्रतिबद्धता

'आप' नेता आतिशी ने अपने पत्र में आगे लिखा "उदाहरण के लिए, लांसर कॉन्वेंट स्कूल ने 30 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी की घोषणा की है। जबकि सलवान पब्लिक स्कूल ने अपनी फीस में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। सेंट एंजेल्स स्कूल ने 11 प्रतिशत फीस बढ़ाई है तो एहलकॉन पब्लिक स्कूल, बिरला विद्या निकेतन, रुक्मिणी देवी पब्लिक स्कूल, ग्रीनफील्ड पब्लिक स्कूल आदि ने भी अपनी फीस बढ़ा दी है।"

आतिशी ने अपने पत्र में आगे लिखा "आपने बार-बार दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है। एनईपी शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने के लिए विनियामक तंत्र को मजबूत करने का प्रयास करता है। एनईपी देश में जो स्‍थापित करने की इच्छा रखती है। उसे दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने पहले ही लागू कर दिया था। इसी के चलते पिछले 10 सालों में एक भी स्कूल को मनमाने ढंग से एक भी रुपया फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई।"

आतिशी ने कहा "हमारे पास माता-पिता के फोन आ रहे हैं, वो गुहार लगा रहे हैं कि इस बढ़ी हुई फीस पर रोक लगाई जाए।" उन्होंने बताया कि राजधानी में अभिभावकों में भारी आक्रोश है। कई स्कूलों के बाहर माता-पिता विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। स्कूल प्रशासन ने गेट बंद कर दिए हैं और अभिभावकों को भीतर तक नहीं जाने दिया जा रहा है। आतिशी ने आरोप लगाया कि जब से भाजपा की सरकार बनी है, निजी स्कूलों को मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की खुली छूट मिल गई है। नतीजा यह है कि फीस में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, जिससे अभिभावक परेशान हैं।

आतिशी ने रेखा गुप्ता को दी सीधी चुनौती

आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा "अगर भाजपा की निजी स्कूलों से कोई सांठगांठ नहीं है तो रेखा गुप्ता जी को आज ही आदेश देना चाहिए कि किसी भी स्कूल को बढ़ी हुई फीस वसूलने की अनुमति न दी जाए। इसके साथ ही स्कूलों की बढ़ी हुई फीस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए। फीस बढ़ाने वाले स्कूलों का CAG empanelled auditors से ऑडिट करवाया जाए। ऑडिट के बाद तय हो यदि स्कूल मुनाफाखोरी नहीं कर रहा तो ही फीस बढ़ाई जाए।