
सोनम वांगचुक पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर बिफरी AAP
Delhi Police Jantar Mantar action Wangchuk: नीट (NEET) परीक्षा विवाद और शिक्षा सुधारों को लेकर आंदोलन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर अब सियासत पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। 'आप' ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को होने वाले 'संसद मार्च' को रोकने के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया और वांगचुक को जबरन अस्पताल में शिफ्ट कर दिया।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आगामी 20 जुलाई को सोनम वांगचुक के नेतृत्व में होने वाले संसद मार्च से डरी हुई है। इस मार्च में भारी संख्या में युवा संगठन, आम जनता और निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होने वाले थे। सरकार इस शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलना चाहती है। संजय सिंह ने दावा किया कि शनिवार सुबह अचानक भारी संख्या में पुलिस बल जंतर-मंतर पहुंचा। पुलिस ने वहां शांतिपूर्वक इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया और भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों व नौकरी के इच्छुक युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। 'आप' नेता ने कहा कि यह पुलिसिया कार्रवाई पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति के तहत की गई है, क्योंकि 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इसी दिन वांगचुक ने जंतर-मंतर से संसद भवन तक एक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का आह्वान किया था, जिसका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली और युवाओं की समस्याओं को देश के सामने रखना था।
संजय सिंह ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए यह भी दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान प्रमुख एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, इस कथित हिरासत को लेकर अभी तक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सरकार के रवैये पर निशाना साधते हुए 'आप' सांसद ने कहा कि चाहे किसान हों, छात्र हों या कोई अन्य नागरिक संगठन, यह सरकार हर लोकतांत्रिक प्रदर्शन का जवाब लाठियों और पुलिसिया कार्रवाई से देती है। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे वांगचुक के इस अभियान का समर्थन जारी रखें और इस आंदोलन में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी भागीदारी दर्ज कराएं। फिलहाल इन गंभीर आरोपों पर केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Updated on:
19 Jul 2026 06:31 pm
Published on:
19 Jul 2026 06:31 pm
