
Madam Jahar:दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और एनसीआर में सक्रिय अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को गिरफ्तार किया है। खुशनुमा के कारनामे को देखकर पुलिस ने उसका उपनाम 'मैडम जहर' रख दिया है। जांचकर्ताओं के अनुसार खुशनुमा, कुख्यात अपराधी महफूज उर्फ बॉबी कबूतर की करीबी सहयोगी थी और बीते सात वर्षों से उसके संपर्क में थी। इतना ही नहीं, पुलिस ने दावा किया है कि खुशनुमा को लेडी डॉन के नाम से लोग जानते थे और वह एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। दरअसल, इसी पार्लर में अवैध गतिविधि होती थी और बताया जा रहा है कि इसी की आड़ में वह ड्रग सिंडिकेट चलाती थी।
आपको बता दें कि स्पेशल सेल ने महिपालपुर फ्लाईओवर के पास कार्रवाई करते हुए खुशनुमा को पकड़ा, जहां उसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए। खुशनुमा की गिरफ्तारी और शीले पदार्थ की बरामदगी के बाद ही जांच एजेंसियों ने उसे “मैडम ज़हर” का नाम दिया। आरोप है कि वह एक संगठित ड्रग सिंडिकेट का संचालन कर रही थी, जिसके तार कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई-हाशिम बाबा गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस पहले ही महफूज़ उर्फ बॉबी कबूतर को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसका नाम पंजाबी गायक सिद्दूमुसेवाला की हत्या और अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग समेत कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में सामने आ चुका है।
गौरतलब है कि हालही में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोर कुनाल की चाकू से गोदकर की गई हत्या ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस मामले में पुलिस ने ‘लेडी डॉन’ के नाम से पहचानी जाने वाली जिकरा को साजिश रचने और वारदात में सहयोग करने के आरोप में हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि यह हत्या आपसी रंजिश का नतीजा थी, जिसमें दो नाबालिग आरोपी शामिल थे, जो घटना के बाद से फरार चल रहे हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि ज़िकरा ने आरोपियों को अपराध के लिए उकसाया और हमले को अंजाम देने में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
वहीं, इस मामले में पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि जिकरा पहले जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर हासिब बाबा की पत्नी जोया की बाउंसर रह चुकी है और उसका नाम सीलमपुर में सक्रिय शोएब-मस्तान गैंग से भी जोड़ा जा रहा है। वह सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर खुद को प्रभावशाली दिखाती थी और इंस्टाग्राम पर उसके करीब 15 हजार फॉलोअर्स बताए जाते हैं, जिसके चलते वह पहले भी पुलिस के रडार पर आ चुकी थी।
इस मामले में राजधानी के आलाधिकारियों का कहना है कि खुशनुमा अंसारी और ज़िकरा की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध और ड्रग्स के नेटवर्क का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, जहां अब महिलाएं सिर्फ सहयोगी नहीं बल्कि साजिश रचने, अवैध धंधों के संचालन और पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करने जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में सामने आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि ये महिलाएं सोशल मीडिया, वैध दिखने वाले कारोबार और स्थानीय संपर्कों के जरिए अपराध को छिपाने और फैलाने का काम कर रही थीं।
दोनों मामलों की कड़ियों को आपस में जोड़कर खंगाला जा रहा है, ताकि बड़े गिरोहों और उनके सरगनाओं तक पहुंचा जा सके। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो दिल्ली-एनसीआर के अलावा अन्य राज्यों में भी दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
Updated on:
20 Feb 2026 01:38 pm
Published on:
20 Feb 2026 01:38 pm
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