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हर रेड से पहले हो जाती थी गायब! NDPS एक्ट में 11 केस वाली दिल्ली की ‘ड्रग क्वीन’ 2 महीने बाद गिरफ्तार

Delhi drug queen arrest: दिल्ली में ‘ड्रग क्वीन’ कुसुम को पुलिस ने 2 महीने की तलाश के बाद शाहदरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे पकड़ने की पहले भी बहुत बार कोशिश की है, लेकिन वह हर बार बच निकलती थी।
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नई दिल्ली

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Harshita Saini

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Updated: 11 Apr 2026, 1:29 PM IST

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प्रतीकात्मक तस्वीर

Delhi drug queen arrest: दिल्ली में दो महीने से चुनौतियों से भरी चल रही एक तलाश आखिरकार खत्म हुई। कुसुम नाम की ड्रग क्वीन जो पुलिस की हर रेड के पहले गायब हो जाती थी, आखिरकार पुलिस ने उसे शाहदरा से गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाली और 100 से अधिक मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स की जांच की। कई बार पुलिस टीम उसके बहुत पास पहुंची लेकिन फिर भी पुलिस नाकामयाब रही। वह लगातार अपनी लोकेशन चेंज करती रहती थी, जिस वजह से पुलिस इतने लंबे समय से उसे नहीं पकड़ पाई थी।

पकड़ने में दो महीने क्यों लगे?

कुसुम को पकड़ना बिल्कुल आसान नहीं था। पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा और यूपी के कई इलाकों में बार-बार छापे मारे, लेकिन हर बार वह कुछ मिनट पहले ही वहां से निकल जाती थी। वह कोई सुराग भी छोड़कर नहीं जाती थी और इसके अलावा वह अपनी पहचान भी बदल लेती थी। पुलिस के अनुसार वह स्मार्टफोन भी उपयोग में नहीं लेती थी। वह बार-बार सिम भी बदल लेती थी। इन सब कारणों से उसे पकड़ने में पूरे दो महीने लग गए।

आखिर कैसे पकड़ा ड्रग क्वीन को?

पुलिस दो महीने से लगातार उसे ढूंढने के लिए लगी हुई थी। इस दौरान 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज और 100 से ज्यादा मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स की जांच की। पुलिस ने कुसुम को ढूंढने के लिए 50000 का इनाम रखा था। इसी दौरान 9 अप्रैल को पुलिस को जानकारी मिली कि कुसुम शाहदरा इलाके में आने वाली है। इस बार पुलिस पहले से पूरी तैयारी में थी। पूरे इलाके को घेरकर पहले ही जाल बिछा दिया गया था। जैसे ही कुसुम वहां पहुंची, उसने फिर से भागने की कोशिश की, लेकिन इस बार पुलिस पूरी तरह तैयार थी। थोड़ी ही देर में उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया गया।

परिवार भी था स्मग्लिंग में शामिल

पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह में कुसुम का पर्वार भी शामिल था। कुसुम इस पूरे गिरोह को चलाती थी। उसकी बेटियां दीपा और चीकू भी इसमें शामिल थीं, जो पहले ही पकड़ी जा चुकी हैं। इसके अलावा उसका भाई हरिओम और उसका साथी रवि भी इस काम में शामिल थे। कुसुम ने अपने अपराध की शुरुआत दिल्ली के सुल्तानपुरी से की थी, जहां वह पहले छोटे स्तर पर ड्रग्स बेचती थी। धीरे-धीरे उसने अपनी जान-पहचान बढ़ाई और अपना बड़ा नेटवर्क बना लिया। कुछ समय बाद उसका काम दिल्ली से बाहर दूसरे राज्यों तक भी फैल गया। छोटे काम से शुरू करके वह एक बड़े ड्रग गिरोह की लीडर बन गई।

एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 केस

कुसुम पर 2003 से 2024 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कम से कम 11 केस दर्ज हैं। रोहिणी कोर्ट ने उसे पहले ही घोषित अपराधी मान लिया था। उसके खिलाफ मकोका के तहत भी केस चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से दिल्ली और आसपास के इलाकों में चल रहे ड्रग्स के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ेगा।

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