
Delhi Elections 2025: दिल्ली में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी समेत भाजपा और कांग्रेस भी चुनावी मैदान में पूरी तरह उतर चुकी है। इसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी अपने चरम पर पहुंच चुका है। मंगलवार को एक बार फिर भाजपा ने पंजाब में पराली प्रबंधन पर खर्च को लेकर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के नेतृत्व वाली आप सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा "मैं केजरीवाल से तीसरा सवाल पूछता हूं, जिस पराली के धुएं से दिल्ली त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही थी, पंजाब में सरकार आने से केजरीवाल जिस पंजाब को पराली पर को कोसा करते थे, उस पराली के धुएं से दिल्ली को निजात दिलाने के लिए इस भ्रष्ट आप सरकार ने जो मूल खर्च 77 लाख रुपए रखा था। सिर्फ उसके प्रचार के लिए ही 27 करोड़ 89 लाख खर्च क्यों किये?" वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कि कैग की रिपोर्ट में पराली प्रबंधन के नाम पर बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया है।
दिल्ली में चुनावी पारा पूरी तरह हाई हो चुका है। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में वोटर्स के नाम काटने और जोड़ने में मनमानी का मुद्दा बना रही है। वहीं दूसरी ओर नई दिल्ली के जिला निर्वाचन अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की शिकायत की है। नई दिल्ली डीएम ने अपनी शिकायत में कहा है "आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि बार-बार ऑफिस आकर ऐसी जानकारियां मांगते हैं। जो नियमानुसार उन्हें नहीं दी जा सकतीं। इसके अलावा सीएम आतिशी बिना एजेंडा बार-बार मिलने बुलाती हैं।"
दरअसल, सोमवार को दिल्ली की सीएम आतिशी (CM Atishi) ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में 'वोट धांधली' का आरोप लगाया था। आतिशी ने कहा था कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में समरी रिवीजन के बाद 10 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम जोड़ने के आवेदन आए हैं। जबकि हजारों मतदाताओं के नाम काटने के लिए भी आवेदन किए गए हैं। आतिशी का कहना था कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में गलत तरीके से मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की कोशिश की जा रही है। अब नई दिल्ली जिले के चुनाव अधिकारी (DEO) की शिकायत का मामला सामने आया है।
नई दिल्ली जिला निर्वाचन अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में लिखा "आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि बार-बार मेरे दफ्तर में आते हैं। इस दौरान वह ऑब्जेक्टर्स की निजी जानकारी मांगते हैं। जबकि भारतीय निर्वाचन आयोग की दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑब्जेक्टर्स की जानकारी किसी को नहीं दी जा सकती।" नई दिल्ली डीएम ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मार्गदर्शन मांगते हुए लिखा "दिल्ली की सीएम आतिशी मुझे बिना कोई एजेंडा बताए बुलाती हैं। मीटिंग में वोटर लिस्ट को लेकर चर्चा की जाती है। क्या मुझे सरकार की ओर से बुलाए जाने वाली ऐसी बैठकों में जाने की अनुमति है, जिसके लिए पहले से कोई एजेंडा या उचित काम निर्धारित ही नहीं है।"
नई दिल्ली डीएम की मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की गई शिकायत की बात सामने आने पर आप सांसद संजय सिंह ने इसका जवाब दिया है। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा "नई दिल्ली डीएम से किसी शिकायत को लेकर मुलाकात की गई। जिसे वह धमकी बता रहे हैं। वह कोई लाट साहब नहीं हैं। उनकी जवाबदेही है हमारे प्रति। क्या चुनाव डीएम या एसडीएम को लड़ना है। उनका काम है चुनाव की व्यवस्था और निष्पक्षता देखना। वह इतने बड़े लाट साहब है कि मैं उनसे मिल नहीं सकता?"
संजय सिंह ने आगे कहा "यदि हमें कोई शिकायत है तो डीएम से नहीं करेंगे? प्रोटोकॉल की बात करें तो उनका प्रॉटोकॉल हमसे बहुत नीचा है। हम तो उनके दफ्तर तक गए, उन्हें सम्मानित महसूस करना चाहिए। अपने वोटर लिस्ट के बारे में पूछना और जो फर्जी ऑब्जेक्टर के बारे में जानकारी लेना क्या डराना-धमाका होता है? ऐसे अफसर जो मिलने को धमकी बताते हैं, ये क्या चुनाव कराएंगे?"
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Published on:
07 Jan 2025 03:07 pm
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