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नई दिल्ली। स्विच दिल्ली अभियान के पांचवें सप्ताह में दिल्ली सरकार का पूरा ध्यान ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के संबंध में जागरुकता फैलाने पर केंद्रित रहा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने तीन बड़े कदम उठाए हैं और इनमें चार्जिग स्टेशन स्थापित करना सबसे अहम है। सरकार चाहती है कि राजधानी दिल्ली में हर 3 किलोमीटर की दूरी पर एक ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित हो।
दिल्ली में ईवी चार्जिग इंफ्रा को वृहद स्तर पर फैलाने की रणनीति के तीन स्तर बनाए गए हैं। इस बारे में दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि दिल्ली सरकार ने प्रमुख स्थानों पर 500 चार्जिग प्वाइंट वाले 100 पब्लिक चार्जिग स्टेशन बनाने के लिए देश में अब तक का सबसे बड़ा टेंडर निकाला है। यह स्टेशन दिसंबर 2021 तक चालू हों जाएंगे और इनमें पहले से जारी 72 स्टेशन भी शामिल होगे। इनसे संबंधित पूरा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया गया है।
इतना ही नहीं, दिल्ली सरकार एक ईवी चार्जिंग मोबाइल ऐप को भी डेवलप करवा रही है। इस ऐप के जरिए राजधानी के सभी चार्जिग स्टेशनों की लोकेशन और चार्जर की स्थिति को रीयल-टाइम देखा जा सकेगा।
गहलोत ने कहा कि इस कड़ी में दूसरा ऐतिहासिक कदम 100 से अधिक वाहनों की पार्किंग क्षमता वाले मॉल-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सिनेमा हॉल-मल्टीप्लेक्स, ऑफिस स्पेस, होटल-रेस्तरां, अस्पताल आदि इमारतों में कम से कम 5 प्रतिशत जगह ईवी चार्जिंग के लिए आरक्षित करना है।
दिल्ली सरकार के इस कदम से दिसंबर तक 10,000 से अधिक चार्जिंग प्वाइंट बन जाएंगे। इस बदलाव के लिए दिल्ली के भवन उपनियमों में उपयुक्त संशोधन की भी पहल की गई है। फिलहाल दिल्ली भवन निर्माण नियमों के तहत किए जा रहे सभी नए निर्माणों में 20 प्रतिशत पार्किंग क्षेत्र ईवी पार्किंग के लिए अलग से आरक्षित रखा जाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ईवी नीति के तहत आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों में चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने के लिए 6 हजार रुपये तक प्रति प्वाइंट की सब्सिडी ली जा सकती है। दिल्ली सरकार ने यह कदम राष्ट्रीय राजधानी में ईवी को तेजी से खरीदने को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि तीसरा कदम यह है कि सरकार सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए अपने चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए कई ईवी ऑपरेटर्स के साथ चर्चा कर रही है। यह प्रस्ताव काफी लाभदायक है क्योंकि ईवी चार्जिंग इंफ्रा में निवेश से उनके ईवी कैब और रिक्शा ऑपरेटरों को बेहतर इस्तेमाल और रिटर्न हासिल होगा। इससे जून 2021 तक कम से कम सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए 750 प्वाइंट बन जाएंगे।
Updated on:
14 Mar 2021 12:56 am
Published on:
14 Mar 2021 12:43 am
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