
दिल्ली हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी। (फोटोः सोशल मीडिया)
Delhi High Court Bomb Threat: राजधानी दिल्ली के हाई कोर्ट में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अदालत को बम की धमकी वाला ई-मेल प्राप्त हुआ। ई-मेल में साफ तौर पर लिखा गया था कि दोपहर 2 बजे तक अदालत परिसर में बम विस्फोट किया जाएगा। ई-मेल में पाकिस्तान और तमिलनाडु का भी उल्लेख किया गया है। यह धमकी भरा मेल सुबह 10:41 बजे उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज को मिला। इसके साथ ही पुलिस ने पूरे हाई कोर्ट परिसर को खाली करा दिया।
ईमेल के जरिए बम की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को हाई अलर्ट पर रखा गया, जिसके बाद अदालती कार्यवाही अचानक स्थगित कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, धमकी के बाद ज्यादातर बेंच अचानक उठ गईं, जबकि स्थिति का आकलन करने और परिसर की सुरक्षा के लिए सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत तैनात कर दिया गया। ई-मेल मिलते ही प्रशासन तत्काल हरकत में आया और न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। कई अदालतों में चल रही सुनवाई को तुरंत स्थगित कर दिया गया। न्यायाधीशों को सुरक्षा घेरे में अदालत परिसर से बाहर ले जाया गया।
धमकी की सूचना के बाद दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर और वकीलों के चैंबर खाली कराए। बम निरोधक दस्ता (BDS) मौके पर पहुंच गया है और हर कोने-कोने की सघन तलाशी ली जा रही है। अदालत भवन और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां धमकी भरे मेल की तकनीकी जांच कर ई-मेल भेजने वाले की तलाश में जुट गई हैं। अचानक हुई इस घटना के कारण कोर्ट के बाहर वकीलों और आम लोगों में बेचैनी का माहौल है। कई वकीलों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न्याय व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं, इसलिए पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए।
ईमेल में ISI और पटना में साल 1998 के विस्फोट मॉडल दोहराने की बात कही गई है। आरजी अरुण भारद्वाज को यह ईमेल कथित तौर पर विजय शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने भेजी है। इसमें एक आतंकी साजिश का खौफनाक दावा किया गया था। ईमेल में लिखा है "डॉ. शाह फैसल नाम के एक युवा शिया मुस्लिम ने पटना में हुए 1998 के विस्फोटों को दोहराने के लिए कोयंबटूर स्थित पाकिस्तानी आईएसआई सेल के साथ सफलतापूर्वक संपर्क स्थापित कर लिया है।"
ईमेल संदेश में राजनीतिक दलों पर वंशवादी राजनीति और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है और सांप्रदायिक तथा राजनीतिक तनावों के इर्द-गिर्द कहानी गढ़ी गई है। इसमें लिखा गया है "देखिए, मूल सिद्धांत यह है कि धर्मनिरपेक्ष दल भाजपा/आरएसएस से लड़ने के लिए पारिवारिक वंशवाद की राजनीति और भ्रष्टाचार को पनपने देते हैं। जब उनके उत्तराधिकारियों (राहुल गांधी, उदयनिधि) को सत्ता से रोका जाता है तो वे आरएसएस के खिलाफ लड़ने में रुचि खो देते हैं।" इस मेल में एक फोन नंबर भी दिया गया है और सत्यभामा सेंगोट्टायन का नाम भी दिया गया है, जो कथित तौर पर विस्फोटक उपकरणों और डिफ्यूजिंग कोड से जुड़ा है।
एक परेशान करने वाली बात यह है कि ईमेल में यह सुझाव दिया गया था कि "धर्मनिरपेक्ष नेतृत्व का एक नया विकास" करने के लिए कुछ राजनीतिक उत्तराधिकारियों को निशाना बनाया जाएगा। इसमें तमिलनाडु के एक राजनीतिक व्यक्ति पर योजनाबद्ध तेज़ाब हमले का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था। मेल में लिखा था, "हम डॉ. एझिलन नागनाथन को DMK की कमान सौंपने का प्रस्ताव रखते हैं और इस हफ्ते उदयनिधि स्टालिन के पुत्र इनबानिथी को तेजाब से जला दिया जाएगा। खुफिया एजेंसियों को इस बात की भनक तक नहीं लगेगी कि यह कोई अंदरूनी साजिश है।"
द लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है और दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) सहित कई एजेंसियों को ईमेल के स्रोत का पता लगाने और दावों की पुष्टि करने के लिए लगाया गया है। उच्च न्यायालय परिसर की घेराबंदी कर दी गई है और व्यापक जाँच चल रही है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम धमकी की सत्यता की जाँच कर रहे हैं और आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल शुरू कर दिए हैं। फिलहाल, कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।"
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में किसी संवेदनशील जगह को बम से उड़ाने की धमकी मिली हो। इससे पहले 18 अगस्त 2025 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (IGI Airport) पर बम होने की सूचना मिली थी। एक फोन कॉल में दावा किया गया था कि टर्मिनल-3 पर विस्फोटक रखा गया है। सूचना के बाद CISF और दिल्ली पुलिस ने हवाईअड्डे की तलाशी ली, लेकिन यह कॉल फर्जी निकली।
इसी तरह 22 जुलाई 2025 को दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में बम होने की धमकी दी गई थी। पुलिस को एक गुमनाम कॉल के जरिए बताया गया कि मार्केट में विस्फोटक रखा गया है। इसके चलते बाजार को खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। कई घंटे तलाशी के बाद कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। दोनों ही मामलों में पुलिस ने कॉल और मेल करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
Updated on:
12 Sep 2025, 1:15 PM IST
Published on:
12 Sep 2025, 1:15 PM IST
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