
सरकारी आवास को लेकर अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई।
Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए बंगला अलॉट कराने वाली याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई हुई। इस दौरान AAP मुखिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने अरविंद केजरीवाल का पक्ष रखा। वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा "मीलॉर्ड इसी अदालत के हस्तक्षेप से अरविंद केजरीवाल की पार्टी के लिए दिल्ली में दफ्तर तो मिल गया, लेकिन सरकारी आवास अभी तक नहीं दिया गया है।"
दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस सचिन दत्ता की बेंच ने इस मामले पर संक्षिप्त सुनवाई की। इस दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा "मीलॉर्ड आप यह प्रार्थना पत्र देखिए। यह आवास आवंटन के लिए है। यदि आप किसी राजनीतिक पार्टी के प्रमुख हैं तो नियमों के मुताबिक आपको सरकारी आवास मिलने का अधिकार है, लेकिन अरविंद केजरीवाल को अब तक दिल्ली में सरकारी आवास नहीं दिया गया है।"
वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने अरविंद केजरीवाल की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में आगे कहा "मीलॉर्ड! मेरे पास पार्टी का दफ्तर भी नहीं था। तब इसी अदालत ने हस्तक्षेप कर हमें पार्टी के दफ्तर दिलवाया। अब हम सरकारी आवास के लिए आपके पास आए हैं।" इस दौरान अरविंद केजरीवाल का पक्ष सुनने के बाद जज ने इस मामले की सुनवाई 25 अगस्त तक टाल दी है। दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद अरविंद केजरीवाल ने अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया था। इसके बाद से वह अपने एक राज्यसभा सांसद के आवास में रह रहे हैं। इसके बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने मामले को बोर्ड के शीर्ष पर रखा। AAP का प्रतिनिधित्व करते हुए, वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने तर्क दिया कि राजनीतिक दलों को सामान्य पूल से आवास आवंटन के दिशानिर्देशों के तहत, एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टी का अध्यक्ष दिल्ली में एक सरकारी आवास का हकदार है, बशर्ते उनके पास न तो कोई घर हो और न ही उन्हें किसी अन्य आधिकारिक क्षमता में आवंटित किया गया हो। वकील ने दलील दी, "सभी पूर्व शर्तें पूरी हो चुकी हैं। एक राष्ट्रीय संयोजक हैं, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। हम एक केंद्रीय आवास का अनुरोध कर रहे हैं।" उन्होंने अदालत को बताया कि आप ने पिछले साल 20 सितंबर को अधिकारियों को पहली बार पत्र लिखा था, उसके बाद एक रिमाइंडर भी भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दरअसल, दिल्ली में नई शराब नीति को लेकर उठे विवाद के बाद अरविंद केजरीवाल ने 17 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद चार अक्टूबर को उन्होंने दिल्ली का मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया। इसके बाद वह फिरोजशाह रोड के बंगला नंबर-5 में शिफ्ट हो गए थे। यह बंगला आम आदमी पार्टी के पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के नाम पर आवंटित है।
इस मामले में AAP नेताओं का कहना है कि अरविंद केजरीवाल एक राष्ट्रीय पार्टी के मुखिया हैं। इसलिए उन्हें नियमों के अनुसार, सरकारी आवास मिलना चाहिए। इसी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी की ओर से याचिका दायर की गई है। इस याचिका में अन्य पार्टी अध्यक्षों को सरकारी आवास आवंटित होने का हवाला दिया गया है। हालांकि अभी तक इस मामले में केंद्र सरकार का कोई पक्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल मामले में अगली सुनवाई 25 अगस्त हो होगी।
Published on:
14 Aug 2025 01:14 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
