दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में कहा, ‘‘मौजूदा याचिका में जो सवाल उठता है वह यह कि क्या याचिकाकर्ता की स्थिति यानी एचबीई लक्षण एलिजिबिलिटी क्लॉज (उम्मीदवारों के मेडिकल स्टैंडर्ड के संबंध में) से प्रभावित होगी या नहीं।’’ इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार, यूपीएससी, एयरफोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर यह निर्देश दिया है कि वे 25 जुलाई तक याचिकाकर्ता को अयोग्य घोषित करने के कारण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें।