
आरोपी राहुल मीणा ने कबूला गुनाह (Photo: X/ANI)
दिल्ली के पॉश इलाके कैलाश हिल्स में बुधवार सुबह एक 22 वर्षीय युवती के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पीड़िता भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के एक वरिष्ठ अधिकारी की बेटी थी और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में पुराने नौकर राहुल मीणा (23) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है और बताया कि उसने यह जघन्य अपराध पैसों के लिए किया है। वह दुष्कर्म के इरादे से आईआरएस अधिकारी के घर नहीं गया था।
गुरुवार को अदालत में पेशी के दौरान आरोपी राहुल मीणा ने बिना किसी पछतावे के कहा कि उससे बड़ी गलती हो गई, लेकिन अगर उसे पैसे मिल गए होते तो वह दुष्कर्म और हत्या नहीं करता। उसके इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अदालत ने आरोपी को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
जांच में सामने आया है कि इंजीनियरिंग ग्रेजुएट पीड़िता वारदात के समय घर पर अकेली थी। उसके आईआरएस अधिकारी पिता और मां सुबह-सुबह जिम चले गए थे, जबकि वह घर पर ही सबसे ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में यूपीएससी की पढ़ाई कर रही थी। चूंकि आरोपी वहां आठ महीने तक काम कर चुका था, इसलिए उसे चाबी रखने की जगह के बारे में पता था, वह यह भी जानता था कि घर पर कब कौन आता-जाता है। हालांकि वह घर में अतिरिक्त चाबी से दाखिल हुआ और सीधे उसी कमरे में पहुंचा। उसने पहले युवती से लॉकर खोलने के लिए कहा, जब उसने साफ मना कर दिया तो उसने हमला कर दिया। इससे युवती बेहोश हो गई, जिसके बाद राहुल ने उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। पीड़िता का शव अर्ध-नग्न अवस्था में मिला था और उसके कपड़े फटे हुए थे।
राहुल मीणा पहले इसी घर में करीब आठ महीने तक घरेलू नौकर के रूप में काम कर चुका था। उसे परिवार की दिनचर्या और घर की पूरी जानकारी थी। एक महीने पहले ही उसे उधारी के विवाद के चलते नौकरी से निकाल दिया गया था।
बताया जा रहा है कि पीड़िता के कमरे तक पहुंचने के लिए कम से कम चार-स्तरीय सुरक्षा को पार करना पड़ता था, जिनमें से तीन के लिए पासकोड की जरुरत थी। घटना वाले दिन राहुल ने पीड़िता से यह झूठ बोला कि ‘आंटी ने उसे पैसे देने के लिए बुलाया है’, जिस वजह से पीड़िता ने उसे कमरे में आने दिया। उस समय पीड़िता के माता-पिता जिम गए हुए थे।
जांच में पता चला है कि आईआरएस अधिकारी के घर का लॉकर केवल तीन लोगों के फिंगरप्रिंट से ही खुल सकता था, एक खुद अधिकारी, उनकी पत्नी और उनकी बेटी। यह बात आरोपी को पता थी। उसने युवती को लॉकर खोलने के लिए मजबूर किया, उसे पीटा भी, लेकिन युवती नहीं मानी। यहां तक की राहुल ने जबरन उसके फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करने की कोशिश की। जब वह सफल नहीं हुआ तो उसने युवती के सिर पर भारी वस्तु से हमला कर उसे बेहोश कर दिया और बाद में मोबाइल चार्जर से उसका गला घोंट दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है।
इसके बाद आरोपी ने शव को घसीटकर लॉकर के पास ले जाकर खून से सने हाथ से लॉकर खोलने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। अंत में उसने स्क्रू-ड्राइवर से लॉकर तोड़कर करीब ढाई लाख रुपये और सोने के आभूषण लूट लिए।
वारदात के बाद आरोपी ने घर में ही अपने खून से सने कपड़े बदले और फरार हो गया। वह ऑटो से पालम रेलवे स्टेशन पहुंचा था, जहां से वह शहर छोड़ने की फिराक में था। लेकिन ट्रेन रवाना हो चुकी थी, इसलिए वह पास के एक होटल में कमरा लेकर रुक गया। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने तेजी दिखाते हुए उसे 10 घंटे के भीतर द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली में इस वारदात को अंजाम देने से कुछ घंटे पहले ही आरोपी ने राजस्थान के अलवर में अपने एक परिचित की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
Updated on:
24 Apr 2026 11:14 am
Published on:
24 Apr 2026 11:11 am
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