
दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट जाना होगा बेहद आसान (AI Image)
Jewar Airport Connectivity: दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। नोएडा अथॉरिटी ने दिल्ली को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाले प्रस्तावित 50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के अंतिम अलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बेहतर करने, यात्रा का समय घटाने और मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे दिल्ली के प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा। कुल 50 किमी में से करीब 27 किमी हिस्सा नोएडा क्षेत्र में होगा। फिलहाल इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम चल रहा है।
मुख्य कॉरिडोर को 6 लेन का बनाया जाएगा, जबकि प्रवेश वाले हिस्सों को 8 लेन तक चौड़ा रखने की योजना है, ताकि वाहनों की आवाजाही के दौरान जाम की स्थिति न बने। इस परियोजना के निर्माण और लंबे समय तक रखरखाव की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की होगी।
शुरुआत में एलिवेटेड कॉरिडोर को यमुना नदी के तटबंध के ठीक किनारे बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने बाढ़ और ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इसके बाद प्रस्तावित अलाइनमेंट को नोएडा की ओर पांच मीटर खिसका दिया गया। अब संशोधित अलाइनमेंट को अंतिम मंजूरी मिल गई है।
परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। प्रस्तावित कॉरिडोर से सफर करीब 60 से 70 मिनट में पूरा हो सकता है। इसका सबसे ज्यादा फायदा मयूर विहार, पटपड़गंज, आईपी एक्सटेंशन, कालिंदी कुंज और सरिता विहार जैसे इलाकों के लोगों को मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा मंझावली पुल के जरिए फरीदाबाद को भी इस कॉरिडोर से कनेक्टिविटी मिलेगी।
50 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर एनसीआर के मौजूदा सड़क नेटवर्क को कई प्रमुख एक्सप्रेसवे से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए केवल सड़क परियोजना पर ही काम नहीं हो रहा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 72.44 किमी लंबे ट्रांजिट कॉरिडोर की योजना का खाका भी तैयार किया है। यह कॉरिडोर हाइब्रिड रैपिड रेल और मेट्रो मॉडल पर आधारित होगा। इसमें क्षेत्रीय यात्राओं के लिए 11 नमो भारत स्टेशन और स्थानीय यात्रियों के लिए 18 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं।
यह ट्रांजिट कॉरिडोर गाजियाबाद, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ेगा। योजना के मुताबिक, यह दिल्ली-मेरठ नमो भारत के गाजियाबाद स्टेशन से जेवर एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इस तरह सड़क और रैपिड रेल-मेट्रो दोनों परियोजनाएं पूरी होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दिल्ली-NCR से कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव होगा।
Updated on:
31 Aug 2026, 5:05 PM IST
Published on:
31 Aug 2026, 4:56 PM IST
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