दिल्ली: JNU में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में उमर खालिद के बाद कन्हैया कुमार को HC से बड़ी राहत

जेएनयू प्रशासन की ओर से कन्हैया कुमार के खिलाफ की गई कार्रवाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने गैरकानूनी, तर्कहीन और अनियमित करार दिया है। हाई कोर्ट ने जेएनयू से कहा है कि वह पहले सही से कन्हैया कुमार का पक्ष सुने, इसके बाद मामले में कोई निर्णय ले।

By: Anil Kumar

Updated: 20 Jul 2018, 07:53 PM IST

नई दिल्ली। 9 फरवरी 2016 को कथित तौर पर दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बड़ी राहत दी है। इसके अलावे हाईकोर्ट ने जेएनयू की ओर से कन्हैया कुमार पर अनुशासन तोड़ने के लिए लगाए गए दस हजार के जुर्माने पर भी रोक लगा दी है। जेएनयू प्रशासन की ओर से कन्हैया कुमार के खिलाफ की गई कार्रवाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने गैरकानूनी, तर्कहीन और अनियमित करार दिया है। हाई कोर्ट ने जेएनयू से कहा है कि वह पहले सही से कन्हैया कुमार का पक्ष सुने, इसके बाद मामले में कोई निर्णय ले। बता दें कि बीते दिन बुधवार को अदालत ने इससे पहले फैसला सुनाते इसी मामले में उमर खालिद को तात्कालिक राहत प्रदान की थी।

JNU छात्र उमर खालिद को राहत, हाईकोर्ट ने शुक्रवार तक कड़ी कार्रवाई पर लगाई रोक

क्या है मामला

आपको बता दें कि कथित तौर पर 9 फरवरी 2016 को दिल्ली के जेएनयू कैंपस में आतंकी अफजल गुरु की फांसी के विरोध में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम को आयोजित करने का आरोप जेनयू छात्र संघ के तत्कालीन अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद पर लगा था। इस कार्यक्रम में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाए गए थे। जिसके बाद से पूरे देश में यह बहस का मुद्दा बन गया और आरोपी कन्हैया कुमार तथा उमर खालिद को सजा दिए जाने की मांग की जाने लगी। इस मामले में जेएनयू छात्रसंघ के उस समय के अध्यक्ष कन्हैया और उनके दो साथियों उमर ख़ालिद और अनिर्बन को गिरफ़्तार किया गया था। हालांकि तीनों बाद में ज़मानत पर छूट गए. मगर कन्हैया कुमार इससे पहले 23 दिन जेल में रहे। इसके अलावे जेएनयू प्रशासन ने फौरी तौर पर कार्यवाई करते हुए कन्हैया कुमार पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। इस मामले को लेकर छात्र उमर खालिद के निष्कासन करने समेत 13 अन्य छात्रों पर भी जुर्माना लगाने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद जेएनयू प्रशासन के फैसले के खिलाफ 17 जुलाई को कन्हैया कुमार ने और 19 जुलाई को उमर खालिद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जेएनयू प्रशासन के फैसले पर रोक लगा दी थी। बता दें कि जेएनयू प्रशासन ने दोनों को 18 जुलाई तक जुर्माना भरने को कहा था।

 

Show More
Anil Kumar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned