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Delhi fire tragedy: दिल्ली के मालवीय नगर के हौजपुरी इलाके हुए अग्निकांड के मामले में पुलिस लगातार आरोपियों की धर पकड़ कर रही है। इसी सिलसिले में फरार चल रहे होटल के मैनेजर जय मिश्रा को भी पुलिस ने दबोच लिया है। वहीं, होटल के मालिक लवकेश पहले से ही पुलिस के गिरफ्त में था। अब पुलिस इन दोनों आरोपियों से लंबी पूछताछ की है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने फरार मैनेजर जय मिश्रा को हिरासत में लेने के बाद बहुत देर तक पूछताछ की और बाद में दोनों आरोपी का आमना-सामना कराया। दोनों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। होटल मालिक और मैनेजर के बयान एक-दूसरे से काफी मिलते जुलते ही हैं। जिनका दस्तावेजी और तकनीकी सबूतों से मिलान किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि जब उन्होंने मिश्रा से पूछताछ की, तो उसने बताया कि होटल मालिक लवकेश बजाज के कहने पर उसने बेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस के लिए अपने पर्सनल कागजात दिए थे। लेकिन लाइसेंस के लिए अप्लाई करने का सारा काम खुद मालिक ने ही किया था। अब इस खुलासे के बाद जांच टीमें इस बात की छानबीन कर रही हैं कि जब बिल्डिंग और होटल के असली मालिक लवकेश बजाज थे, तो एक कर्मचारी के नाम पर लाइसेंस कैसे मिल गया? पुलिस को शक है कि लाइसेंस देने के इस खेल में जरूर कोई गड़बड़ी हुई है या फिर अंदर के किसी बंदे की मिलीभगत है, और अब इसी बात की जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया कि दोनों के बयान एक-दूसरे से मिलते-जुलते ही हैं। अब पड़ताल टीम दस्तावेजी और तकनीकी सबूतों से क्रॉस चेक कर रही है। इसके साथ ही जांच में ये भी पता चला कि पिछले दस साल से मिश्रा एकाउंटेंट के रूप में काम कर रहा था और होटल मालिक को मैनेजर पर सबसे ज्यादा भरोसा था इसलिए सारे काम इसी पर सौप रखे थे। जय की सैलरी करीब 35,000 रुपए प्रतिमाह थी।
बता दें कि होटल की पूरी देखरेख मैनेजर मिश्रा को ही दे रखी थी। वह दो शिफ्टों में काम करता था। स्टाफ की ड्यूटी लगाने से लेकर तो रोस्टर तैयार करना, गेस्ट रिकॉर्ड की देखरेख करना। यहां तक की प्रशासनिक कामकाज भी वही संभालता था। अग्निशमन सुरक्षा, लाइसेंस दस्तावेज और कानूनी औपचारिकताओं की जिम्मेदारी भी उसी पर थी।
Updated on:
10 Jun 2026 04:24 pm
Published on:
10 Jun 2026 03:52 pm
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