
दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश
Terror Plan Exposed: दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान की मदद से चल रहे एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा कर दिया है। इस मॉड्यूल को पाकिस्तानी एजेंसी ISI का सपोर्ट था। इस मॉड्यूल के तीन सदस्यों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी चला रहा था। बताया जा रहा है कि इस गैंग का टारगेट गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई था, जिसे अभी हाल ही में अमेरिका से भारत लाया गया है। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दिल्ली ने पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ तब किया, जब शुक्रवार यानी 28 नवंबर को मध्य प्रदेश के दतिया से 19 साल के विकास प्रजापति उर्फ बेटू, शनिवार यानी 29 नवंबर को पंजाब के फिरोजपुर से 19 साल के हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत सिंह और 30 नवंबर यानी रविवार की सुबह यूपी के बिजनौर से 22 साल के आसिफ उर्फ अरिश को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों से पूछताछ में पूरे मॉड्यूल का खुलासा हुआ।.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अनमोल ने हाल ही में अदालत में सुरक्षा की मांग की थी। उनकी याचिका में कहा गया है कि उन्हें सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जान का खतरा है। वह और उनके परिवार के सदस्य लगातार टेंशन और डर में रह रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि हाल ही के कई मामलों में ये धमकियां वास्तविक हमलों में बदल चुकी हैं। अनमोल ने कोर्ट से यह भी अनुरोध किया था कि उन्हें NIA दफ्तर से कोर्ट तक जाते समय पूरी सुरक्षा दी जाए। शनिवार को एनआईए के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने मामले की सुनवाई NIA के मुख्यालय में की। एनआईए के वकील राहुल त्यागी ने बताया कि सुनवाई मुख्यालय में इसलिए हुई, क्योंकि आरोपी पक्ष के वकील ने अनुरोध किया था। सुनवाई के बाद अनमोल की हिरासत बढ़ाकर 5 दिसंबर तक कर दी गई। इससे पहले उन्हें 19 नवंबर को अपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की वजह से 11 दिन की हिरासत में भेजा गया था।
स्पेशल सेल के अनुसार, मॉड्यूल के तीन सदस्यों को तीन एलग-एलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। पंजाब के फिरोजपुर से हरगुनप्रीत सिंह, मध्यप्रदेश के दतिया से विकास प्रजापति और यूपी के बिजनौर से आसिफ उर्फ आरिश को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि ये तीनों लोग शहजाद भट्टी से सीधे संपर्क में थे। इनके पास से सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 10 कारतूस और मोबाइल फोन मिले हैं। फोन से चैट्स, लोकेशन और रेकी के वीडियो मिले हैं, जो इस नेटवर्क की प्लानिंग की ओर इशारा करते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि यही मॉड्यूल 25 नवंबर को पंजाब के गुरदासपुर के सिटी थाने के बाहर हुए ग्रेनेड हमले में शामिल था। यह हमला भी भट्टी के निर्देश पर किया गया था। बताया जा रहा है कि भट्टी पाकिस्तान से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपने नेटवर्क को निर्देश दे रहा था।
शहजाद भट्टी पाकिस्तान का एक गैंगस्टर है। वह पहले फारुख खोतर गैंग के साथ काम करता था। अब वह दुऊई में ISI की मदद से अपना आतेकी नेटवर्क चला रहा है। उसका काम लोगों को धमकी देना, सुपारी देना, हथियार भेजना और सोशल मीडिया के जरिए डर फैलाना है। ISI की मदद से अब वह भारत में गैंगस्टर्स के बीच पैठ बनाना और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को रिक्रूट करने लगा है। पहले भट्टी लॉरेंस बिश्नोई का दोस्त था, लेकिन एक विवाद के बाद दोनों में दूरी आ गई और अब माना जा रहा है कि भट्टी लॉरेंस को मारना चाहता है। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, वह अब भारत के लिए बड़ा खतरा बन चुका है और उसका नाम सबसे वांटेड क्रिमिनल्स की लिस्ट में आ गया है।
Updated on:
1 Dec 2025, 5:09 PM IST
Published on:
1 Dec 2025, 5:09 PM IST
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