
दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा पर एसिड अटैक को लेकर भड़के उपराज्यपाल।
Girl Student Acid Attack: राजधानी दिल्ली में डीयू की छात्रा पर हुआ तेज़ाब हमला पूरे शहर को झकझोर गया है। यह घटना न केवल समाज में महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि प्रशासन को भी कार्रवाई के लिए मजबूर कर चुकी है। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कानून के तहत सबसे कड़ी सजा दिलाई जाए। राजनिवास के आधिकारिक अकाउंट से जारी बयान में कहा गया कि एलजी सक्सेना ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को बेहद चिंताजनक और अमानवीय बताया है।
उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त को आदेश दिया कि वे न केवल तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करें, बल्कि जांच को तेज़ी से आगे बढ़ाते हुए चार्जशीट दाखिल करें। ताकि अदालत में दोषियों को कठोर सजा दी जा सके। उन्होंने कहा कि “ऐसे अपराध समाज के नैतिक ताने-बाने को झकझोरते हैं और इन पर कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।” पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीड़िता दिल्ली विश्वविद्यालय की द्वितीय वर्ष की छात्रा है। हमले के बाद उसकी हालत अस्पताल में अभी स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि उसके चेहरे को नुकसान नहीं पहुंचा है, क्योंकि उसने हमले के दौरान चेहरा बचाने के लिए हाथों को आगे कर लिया। इसके चलते उसके दोनों हाथों और गर्दन पर जलने के घाव हैं।
दरअसल, दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा 5 अक्तूबर की सुबह करीब 8 बजे कॉलेज के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवकों ने उसके पास आकर बोतल से तेजाब फेंक दिया। अचानक हुए इस हमले से वह दर्द से चीख उठी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे पानी से धोया और पास के अस्पताल में भर्ती कराया। हमले के बाद आरोपी तेज रफ्तार बाइक से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस सभी कोणों से जांच कर रही है और आरोपियों को पकड़ने के लिए कई जिलों में रेड की जा रही है। दूसरी ओर, अस्पताल सूत्रों ने कहा कि उसकी स्थिति में सुधार है और संभवतः सोमवार तक उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, मुकुंदपुर निवासी उसका परिचित जितेंद्र अपने दो दोस्तों ईशान और अरमान के साथ इस हमले को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि ईशान ने जितेंद्र के इशारे पर एक बोतल अरमान को दी, जिसके बाद अरमान ने पीड़िता पर तेजाब फेंक दिया। छात्रा ने चेहरे को बचाने की कोशिश की, जिसके चलते उसके दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। हमले के तुरंत बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्य आरोपी जितेंद्र छात्रा को पिछले कुछ महीनों से परेशान कर रहा था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह उसका पीछा करता था और करीब एक महीने पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस भी हुई थी।
घटना की सूचना मिलते ही क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची और वहां से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने छात्रा के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 326B (तेजाब से हमला करने का अपराध), 120B (आपराधिक साजिश) और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों आरोपी फरार हैं, लेकिन पुलिस की कई टीमें उन्हें पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है। दिल्ली महिला आयोग ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि तेजाब हमलों पर रोक लगाने के लिए सरकार को लाइसेंस और बिक्री पर और सख्त नियंत्रण लागू करने होंगे।
Updated on:
27 Oct 2025 05:01 pm
Published on:
27 Oct 2025 05:01 pm
