
Electricity bill:दिल्ली से सटे नोएडा जिले में एक किसान के पैरों तले उस वक्त जमीन खिसक गई जब बिजली विभाग ने उसे 222 करोड़ रुपये का बिल थमा दिया। हर महीने बिल जमा करने वाला किसान भारी-भरकम बकाए की रकम देखकर घबरा गया और भागते हुए सीधे विद्युत निगम पहुंचा। आरोप है कि उसकी सुनवाई करने वाला वहां पर कोई मौजूद नहीं था।
आपको बता दें कि पूरा मामला नोएडा के चिपियाना खुर्द का है, जहां के निवासी विपिन यादव के पास 1000 मीटर का भूखंड है और वहीं पर उन्होंने 5 किलोवॉट का कमर्शियल चार्जिंग कनेक्शन लिया है। विपिन के अनुसार, वह हर महीने बिजली का बिल जमा कर देते हैं। उनका कहना है कि इसी कमर्शियल चार्जिंग कनेक्शन का सात महीने का बकाया बताकर 222 करोड़ रुपये का बिल भेजा गया। बिल देखते ही विपिन सीधे विद्युत निगम पहुंचे। आरोप है कि वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। घर के पास लगे शिविर में जब वह पहुंचे और अपना बिजली बिल चेक कराया तो सामने आया कि करीब 222 करोड़ रुपये बकाया है। हालांकि, जब बिजली बिल डाउनलोड करने का प्रयास किया गया तो केवल मई माह का बिल डाउनलोड हो रहा था।
करोड़ों का बिल लेकर विपिन ने इटेडा स्थित सबस्टेशन पर संबंधित अधिकारी से बात की, लेकिन वहां भी कोई उपाय नहीं मिला। वहीं, निगम की तरफ से बिल सुधारने का आश्वासन मिला है। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शिवम त्रिपाठी ने बताया कि सिस्टम पर तकनीकी समस्या के कारण यह बिल जनरेट हो सकता है। यह बिल उपभोक्ता तक नहीं पहुंचता है और सिस्टम पर ही होल्ड हो जाता है। उपभोक्ता को सही बिल ही भेजा जाएगा।
Updated on:
30 Dec 2025 02:52 pm
Published on:
30 Dec 2025 02:51 pm
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