याचिकाकर्ताओं ने DoPT के 2019 के आदेश, 2022 के FAQs और संघ लोक सेवा आयोग की 2024 की सिविल सेवा परीक्षा नोटिफिकेशन को गलत बताया और उसे चुनौती दी। उनका कहना था कि 103वें संविधान संशोधन के बाद EWS वर्ग को 10% आरक्षण तो दिया गया, लेकिन उन्हें SC, ST और OBC की तरह उम्र में छूट या ज्यादा मौके नहीं मिले। उनके अनुसार यह बराबरी के अधिकार के खिलाफ है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है।