
फरीदाबाद में डॉक्टर गिरफ्तार।
Doctor Muzammil Shakeel: सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली से महज 50 किलोमीटर दूर एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस आतंक नेटवर्क को जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले कुछ डॉक्टर चला रहे थे। फरीदाबाद में उनके ठिकाने से 350 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट (विस्फोटक सामग्री) और दो रायफलें बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आतंकियों में डॉक्टर आदिल अहमद और डॉक्टर मुजम्मिल शकील शामिल हैं। आदिल अहमद अनंतनाग का रहने वाला है, जबकि मुजम्मिल शकील पुलवामा से है। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क में एक और डॉक्टर शामिल है, जो फिलहाल फरार है। सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर मुजम्मिल शकील ने ही यह सारा विस्फोटक सामान एक जगह जमा कर रखा था।
जानकारी के अनुसार, आदिल अहमद अनंतनाग के जीएमसी अस्पताल में सीनियर डॉक्टर के पद पर कार्यरत था। फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार के मुताबिक, मुजम्मिल शकील फरीदाबाद की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां दोनों से लगातार पूछताछ कर रही हैं। ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका असली टेरर प्लान क्या था और वे किन इलाकों को निशाना बनाने वाले थे? इसी बीच, रविवार को गुजरात एटीएस ने भी तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक MBBS डॉक्टर शामिल है। जांच में उसका आईएसआई से संबंध होने के संकेत मिले हैं। खुफिया सूत्रों का मानना है कि दोनों डॉक्टर किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा थे, जो देश के विभिन्न हिस्सों में रासायनिक या विस्फोटक हमले की योजना बना रहे थे। बरामद सामग्री को फिलहाल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जबकि पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
NDTV से बातचीत में फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार ने बताया कि शहर में एक किराये के मकान की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बरामद किया गया पदार्थ आरडीएक्स नहीं, बल्कि अमोनियम नाइट्रेट है। इसके साथ दो रायफलें, वॉकी-टॉकी, टाइमर जैसे उपकरण और अन्य संदिग्ध सामान भी मिले हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस मिलकर एक आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हुई थी। इसी बीच गुजरात एटीएस ने भी रविवार को तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक हैदराबाद का डॉक्टर है, जबकि दो अन्य उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि वह डॉक्टर चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर हाल ही में लौटा था।
इस आतंकी साजिश का पर्दाफाश 7 नवंबर को तब हुआ, जब सहारनपुर में जम्मू-कश्मीर के रहने वाले डॉक्टर आदिल अहमद राठर को गिरफ्तार किया गया। आदिल सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था। श्रीनगर में हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में कुछ पोस्टर लगाए गए थे। सीसीटीवी फुटेज में डॉक्टर आदिल अहमद को पोस्टर लगाते हुए देखा गया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तुरंत सहारनपुर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई। पूछताछ में आदिल ने डॉक्टर मुजाहिल का नाम भी उजागर किया। उसी की जानकारी के आधार पर सोमवार को फरीदाबाद में बारूद और हथियारों का जखीरा बरामद किया गया।
सुरक्षा एजेंसियां उन पोस्टरों के पीछे के व्यक्ति की तलाश में थीं और जांच के दौरान डॉक्टर आदिल उनके रडार पर आया। आदिल की निशानदेही पर अनंतनाग में उसके बैंक लॉकर से एक AK-47 रायफल और कुछ विस्फोटक सामग्री मिली। पूछताछ के दौरान आदिल ने फरीदाबाद में छिपाए गए बारूद के जखीरे की जानकारी दी। जब वहां छापेमारी की गई तो पुलिस और खुफिया एजेंसियां चौंक गईं। छापेमारी के दौरान मौके पर 10 से अधिक पुलिस वाहन और आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की टीम मौजूद थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुजाहिल ने यह कमरा करीब तीन महीने पहले किराए पर लिया था। मकान मालिक को उसने बताया था कि वह डॉक्टर है और कमरे में केवल अपना निजी सामान रखेगा। पड़ोसियों का कहना है कि वह बहुत कम बाहर निकलता था, जबकि अक्सर कुछ अजनबी लोग उससे मिलने आते थे। जांच एजेंसियां अब आरोपी डॉक्टर के जैश समर्थक डॉ. आदिल से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही हैं। डॉ. आदिल को हाल ही में श्रीनगर पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। उस पर जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में गतिविधियों और हथियार रखने के आरोप हैं।
Updated on:
10 Nov 2025 11:58 am
Published on:
10 Nov 2025 11:58 am
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